अमेरिकी सीनेट से लिंडसे ग्राहम बिल पास, क्या भारत पर 100 फीसदी टैरिफ लगाएंगे ट्रंप?
वॉशिंगटन। अमेरिकी संसद के सीनेट ने लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026 को 11 के मुकाबले 86 वोट से मंजूरी दे दी। इस बिल के कानून बनने पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को भारत, चीन, अजरबैजान, हंगरी और स्लोवाकिया पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने का अधिकार दे देगा। बिल में प्रावधान है कि रूस से कच्चे तेल और गैस के सबसे बड़े पांच आयातक देशों पर अमेरिका 100 फीसदी टैरिफ लगाए।
इस बिल में रूस पर प्रतिबंध लगाने का अधिकारी भी अमेरिकी राष्ट्रपति को मिलता है। साथ ही बिल के जरिए ईरान सैंक्शन एक्ट ऑफ 1996 की समयसीमा को 2031 तक बढ़ाने का भी प्रावधान है। इससे ट्रंप को ये अधिकार मिल जाएगा कि वो ईरान के ऊर्जा क्षेत्र में पैसा लगाने वाली कंपनियों पर जुर्माना लगाएं। दिवंगत सीनेटर लिंडसे ग्राहम के नाम से सीनेट से पास हुए बिल को ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी और विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी का समर्थन हासिल है। ये बिल अब अमेरिकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा में पेश होगा। प्रतिनिधि सभा की बैठक 31 अगस्त से होनी है।
भारत और चीन समेत रूस से कच्चा तेल और गैस की सबसे ज्यादा खरीदारी करने वाले देशों पर 100 फीसदी टैरिफ लगाने के पक्ष में ट्रंप के करीबी सीनेटर रहे लिंडसे ग्राहम लगातार बयान देते रहे थे। वो इस बिल को लाने के लिए ट्रंप से कई बार मिले भी थे। इस साल लिंडसे ग्राहम ने कहा था कि ट्रंप ने उनको बिल लाकर पास कराने की मंजूरी दे दी है। इसके बाद ग्राहम ने बिल को तैयार कर सीनेट में पेश किया था। बीते दिनों लिंडसे ग्राहम यूक्रेन के दौरे पर गए थे। जहां से लौटने के बाद बीती 11 जुलाई को उनका अचानक निधन हो गया था। जिसके बाद ग्राहम के सम्मान में बिल को दोनों दलों के सीनेटरों ने जल्दी पास कराया। इस बिल का प्रतिनिधि सभा से भी पास होना तय है। ऐसे में सबकी नजर इस पर है कि क्या ट्रंप इसकी आड़ लेकर भारत पर 100 फीसदी टैरिफ लगाते हैं और अगर ऐसा होता है, तो भारत की प्रतिक्रिया क्या रहती है।
