इमरान खान की रिहाई को लेकर पीटीआई ने पाकिस्तान सरकार को दिया अल्टीमेटम
नई दिल्ली। रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को रिहा करने की एक बार फिर मांग उठी है। इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के समर्थकों ने पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरकर मोर्चा खोलने का ऐलान किया है। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहैल अफरीदी कहा कि अगर इमरान खान को जल्द न्याय नहीं मिला तो तहरीक-ए-इंसाफ के समर्थक 27 सितंबर को इस्लामाबाद मार्च करेंगे। इतना ही नहीं उन्होंने सरकार को अल्टीमेटम दिया कि 30 मिनट में इमरान खान को जेल से बाहर निकाल सकते हैं।
सोहैल अफरीदी ने कहा कि तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी पाकिस्तान सरकार से खैरात नहीं, न्याय मांग कर रही है। उन्होंने सरकार के समक्ष दो शर्तें रखीं, पहली-इमरान खान और उनकी पत्नी के खिलाफ चल रहे मामलों की सुनवाई तय की जाए और अदालतें मेरिट के आधार पर फैसला करें। दूसरी- इमरान खान को उनके वकीलों, डॉक्टरों, परिवारवालों तथा पार्टी नेताओं से मिलने दिया जाए। अभी हाल ही में इमरान खान के बेटे कासिम खान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप करने करते हुए अपने पिता के लिए तत्काल चिकित्सा सहायता (मेडिकल हेल्प) उपलब्ध कराने की गुजारिश की थी।
इससे पहले पिछले साल के अंत में इमरान खान की सेहत को लेकर कई दिनों तक सस्पेंस जारी रहा था। ऐसी अफवाह फैली हुई थी इमरान खान की जेल में हत्या कर दी गई है। इसके बाद खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी इमरान खान से मिलने पहुंचे थे मगर जेल प्रशासन ने उनकी मुलाकात नहीं कराई थी। इसके बाद बड़ी संख्या में पीटीआई समर्थक जेल के बाहर धरने पर बैठ गए थे। बाद में इमरान खान की बहन उज्मा खानम को उनसे मिलने की अनुमति दी गई। इमरान से मिलकर उज्मा जब बाहर आईं तो उन्होंने बताया कि उनके भाई को जेल में मानसिक प्रताड़ना दी जा रही है। इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी दोनों ही भ्रष्टाचार मामले में जेल में बंद हैं। इमरान को पांच अगस्त 2023 को गिरफ्तार किया गया था। दिसंबर 2025 में विशेष अदालत ने तोशाखाना (सरकारी उपहारों की हेराफेरी) मामले में इमरान खान और बुशरा बीबी को 17-17 साल की कैद सुनाई थी।
