बांग्लादेश सरकार ने आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप में अपने देश की टीम के न खेलने के कारणों की जांच के लिए बनाई कमेटी, पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ उकसाया था
ढाका। बांग्लादेश सरकार ने आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अपनी क्रिकेट टीम के न खेलने के कारणों की एक कमेटी बनाकर जांच शुरू कराई है। बांग्लादेश सरकार के अतिरिक्त सचिव (प्रशासन) डॉ. एकेएम वलीउल्लाह इस मामले की जांच करेंगे। इस जांच कमेटी में बांग्लादेश क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान हबीबुल बशर और बांग्लादेश सुप्रीम कोर्ट के वकील और खेल आयोजक बैरिस्टर फैसल दस्तगीर को भी रखा गया है। जांच कमेटी से बांग्लादेश सरकार ने 15 दिन में रिपोर्ट मांगी है।
ये पूरा मामला बांग्लादेश के क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल की टीम कोलकाता नाइट राइडर्स से हटाए जाने के बाद शुरू हुआ था। बीसीसीआई के कहने पर केकेआर ने मुस्तफिजुर रहमान को हटा दिया था। दरअसल, बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के दौर में लगातार हिंदुओं की हत्या हो रही थी। जिसकी वजह से सोशल मीडिया यूजर्स का गुस्सा भड़का और उन्होंने ये सवाल उठाया था कि मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल टीम केकेआर में क्यों रखा गया है। केकेआर के मालिक एक्टर शाहरुख खान हैं। बीसीसीआई के निर्देश पर केकेआर ने मुस्तफिजुर को हटा दिया। इसके बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने कहा कि वो आईसीसी पुरुष टी20 वर्ल्ड कप में टीम नहीं भेजेगा। बीसीबी ने कहा था कि बांग्लादेश के क्रिकेट खिलाड़ियों को भारत में खतरा है।
बीसीबी ने कहा था कि उसकी टीम श्रीलंका में मैच खेल सकती है। इस पर आईसीसी ने बीसीबी को समझाने की कोशिश भी की कि अब वेन्यू बदलना संभव नहीं है। आईसीसी ने बीसीबी को ये भी कहा कि उसके खिलाड़ियों की सुरक्षा चाक-चौबंद रखी जाएगी। उस दौरान पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने भी बांग्लादेश को उकसाया और कहा कि बीसीबी की चिंता जायज है और उसकी टीम के मैच भारत की जगह उसके यहां या श्रीलंका में कराए जाएं। बीसीबी के अड़े रहने पर आईसीसी ने पुरुष टी20 वर्ल्ड कप 2026 में बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को खेलने दिया था। अब बांग्लादेश सरकार ने पूरे मामले की जांच बिठाई है। इससे बीसीबी से पहले जुड़े लोगों पर गाज गिरने के आसार दिख रहे हैं।
