ट्रंप ने खारिज किया ईरान का प्रस्ताव, मोजतबा खामेनेई ने अपनी सेना को दिए ये निर्देश
वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने के आसार दिख रहे हैं। इसकी वजह डोनाल्ड ट्रंप का ताजा बयान है। साथ ही खबर है कि ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। ट्रंप ने ये नहीं बताया कि ईरान के प्रस्ताव में ऐसा क्या था कि उसे खारिज किया गया। ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को प्रस्ताव भेजा था। ईरान की मांग है कि स्थायी तौर पर युद्ध खत्म हो। इसके अलावा वो लेबनान समेत पूरे खाड़ी इलाके में शांति चाहता है। ईरान समुद्र से कारोबार और कच्चे तेल की आपूर्ति के रास्ते सुरक्षित करने की मांग भी कर रहा है।
वहीं, अमेरिका की पहली शर्त है कि ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम खत्म करे। साथ ही होर्मुज से जहाजों के आने-जाने पर कोई पाबंदी न हो। ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम खत्म नहीं करना चाह रहा है। जिसकी वजह से अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी जारी है। ईरान के प्रस्ताव को खारिज करने से पहले ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ पर बयान जारी कर ईरान पर खेल खेलने का आरोप लगाया। ट्रंप ने ये भी कहा कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा ने ईरान को अरबों डॉलर दिए। जिनकी वजह से ईरान हंसता रहा। ट्रंप ने लिखा है कि ईरान अब नहीं हंस सकेगा। इससे पहले कई बार ट्रंप ईरान को बड़े स्तर के हमले की चेतावनी दे चुके हैं।
खबर ये भी है कि ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने सेना के अफसरों संग बैठक की है। जिसमें दुश्मनों पर कड़े और निर्णायक कदम उठाते रहने का निर्देश दिया। ईरान ने ये भी कहा है कि अपने परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए उसकी सेना पूरी तरह तैयार है। ईरान ने इससे पहले चेतावनी दी थी कि अगर उस पर हमला हुआ, तो दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए मिसाइलें और ड्रोन तैनात हैं। ईरान पर अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को हमले शुरू किए थे। जिसके जवाब में ईरान ने भी खाड़ी देशों में अमेरिका के सैन्य ठिकानों और इजरायल में बड़ी तबाही मचाई। दोनों पक्षों के बीच 39 दिन तक युद्ध चलता रहा। अब अमेरिका की ओर से होर्मुज की नाकेबंदी किए जाने और ईरान की ओर से जहाजों पर हमले की धमकी से कच्चे तेल की सप्लाई में बड़ी बाधा पड़ी है। जिसकी वजह से दुनिया के तमाम देशों में हालात गंभीर हैं।
