Operation Ajay: इजराइल में फंसे अपने नागरिकों को सुरक्षित भारत लाने के लिए मोदी सरकार ने दांव पर लगाया सबकुछ
नई दिल्ली। भारत ने इजराइल में फंसे अपने नागरिकों को स्वदेश सकुशल लाने के लिए ऑपरेशन अजय की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत इजराइल में फंसे भारतीय नागरिकों को लाने की कवायद शुरू की जाएगी। आमतौर पर विषम परिस्थिति में भारत द्वारा अपने नागरिकों को स्वदेश लाने के लिए इस तरह की अभियानों की शुरुआत की जाती है। इसी कड़ी में इजराइल और हमास के बीच जारी युद्ध के दौरान भारत ने अपने नागरिकों को सकुशल स्वदेश लाने के लिए उक्त अभियान की शुरुआत की है, जिसके बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि हम अपने नागरिकों के हित को लेकर प्रतिबद्ध हैं। हम लगातार इजराइल के संपर्क में भी बने हुए हैं। उधर, इजराइल में भारत के दूतावास भी लगातार भारतीयों के संपर्क में हैं। भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वहां फंसे भारतीयों को किसी भी प्रकार से घबराने की जरूरत नहीं है।
हम उनकी सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध हैं। उधर, इस बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए केंद्रीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि हम अपने नागरिकों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध हैं। भारत ने इजराइल में फंसे अपने नागरिकों के लिए 24 घंटे के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। इसके अलावा भारत की ओर से ई-मेल भी जारी किया गया है, जिसके माध्यम से भी इजराइल में फंसे भारतीय संपर्क कर सकते हैं। उधर, इजराइल में भारत के राजदूत ने राजीव सिंगला ने कहा कि हम मौजूदा स्थिति पर बारिकी से नंजर बनाए हुए हैं। हर गतिविधियों पर हमारी विशेष नजर है। अगर हमें किसी भी प्रकार की विसंगति देखने को मिलेगी,तो हम उसे फौरन दुरूस्त करेंगे। आइए, आगे कि रिपोर्ट में जानते हैं कि इजराइल में कितने हिंदू और अन्य संप्रदाय के लोग रहते हैं?
एक आधिकारिक आंकड़े के मुताबिक, इजराइल में करीब 85 हजार भारतीय मूल के यहूदी हैं, जो कि 50 -60 के दशक में इजराइल गए थे। ये सभी नागरिक महाराष्ट्र के रहने वाले हैं। इन्हें इजराइल में बने इजराइली कहा जाता है। इनमें से कुछ लोग महाराष्ट्र तो कुछ लोग केरल के हैं, जो कि बड़ी संख्या में वहां नौकरी करने के मकसद से गए हुए हैं। उधऱ, कोलकाता के भी कुछ बगदादी यहूदी इजराइल में रहते हैं। वहीं, बीते कुछ वर्षों में मिजोरम और मणिपुर से भी बड़ी संख्या में यहूदी इजराइल में जाकर बसे हैं। इसके अलावा इजराइल में रहने वाले भारतीय मूल के यहूदियों को वहां की सरकार द्वारा कई मौकों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। बता दें कि कोच्चि के चेन्नमंगलम में रहने वाले एलियाउ बेजेलेल ने खुद को इजरायल में एक प्रतिष्ठित कृषिविद् के तौर पर स्थापित किया। उन्हें साल 2005 में वहां की सरकार द्वारा पुरस्कृत किया गया था।
बता दें कि बीते दिनों फिलिस्तीनी आतंकी संगठन हमास ने इजराइल पर अप्रत्याशित हमला कर दिया था। हमास ने कई इजराइली नागरिकों को बंधक भी बना लिया था। इससे जुड़े जब वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, तो देखने वालों के दिल दहल गए। पिछले पांच दिनों से दोनों देशों के बीच युद्ध जारी है, जिसमें दोनों पक्षों से जान माल का नुकसान हुआ है। उधर, इस युद्ध ने भारत में भी राजनीतिक पारा गरम कर दिया है। दरअसल, भारत में जहां कुछ लोग इजराइल के समर्थन में हैं, तो वहीं कुछ लोग फिलिस्तीन के समर्थन में हैं। इस बीच भारत में एक नेरेटिव सेट किया गया है, जिसमें कहा गया है कि इजराइल के पक्ष में खड़े होने वाले लोग देशभक्त,तो फिलिस्तीन के समर्थन में खड़े होने वाले लोग देशद्रोही हैं।
