केंद्रीय अफसरों के लिए अहम आदेश, एक से ज्यादा सरकारी कार नहीं रख सकेंगे
नई दिल्ली। केंद्र सरकार के अफसरों को अब एक ही सरकारी गाड़ी मिलेगी। सरकारी उपक्रमों और स्वायत्त संस्थाओं की गाड़ियों का भी अफसर और कर्मचारी निजी इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। वित्त मंत्रालय ने ये आदेश जारी किया है। मंत्रालय के व्यय विभाग ने जारी आदेश में कहा है कि किसी भी अफसर को एक से ज्यादा सरकारी गाड़ी नहीं दी जाए, भले ही वो किसी और मंत्रालय, विभाग, पीएसयू या स्वायत्त संस्था का भी काम देख रहा हो।
व्यय विभाग के आदेश में कहा गया है कि जिस अफसर को मूल नियुक्ति के तहत पहले से सरकारी गाड़ी मिली है, उसे अतिरिक्त जिम्मेदारी देने पर दूसरी गाड़ी नहीं मिलेगी। इस फैसले को सरकारी वाहनों के बेहतर उपयोग, दुरुपयोग पर रोक और खर्च बचाने के लिए लिया गया है। सरकारी आदेश में कहा गया है कि जिन गाड़ियों का इस्तेमाल न हो रहा, उनको किसी सुरक्षित जगह रख दिया जाए। केंद्र के अफसर पीएसयू या स्वायत्त निकायों की गाड़ी का तभी इस्तेमाल कर सकेंगे, जब वे आधिकारिक दौरे पर होंगे। अब तक अफसरों को अपनी मूल नियुक्ति के अलावा अतिरिक्त कार्यभार वाली जगह से भी गाड़ी मिल जाती थी।
सरकार का कहना है कि एक अफसर को एक ही सरकारी गाड़ी का सिद्धांत लागू करने से संसाधनों का ठीक से इस्तेमाल होगा। इससे गैरजरूरी खर्च भी घटेगा और एक ही अफसर अलग-अलग पदों के नाम पर अन्य सरकारी गाड़ियां नहीं ले सकेंगे। सरकार के मुताबिक प्रशासन में इस आदेश से पारदर्शिता आएगी और वित्तीय अनुशासन भी मजबूत किया जा सकेगा। बता दें कि बीते दिनों जब ईरान युद्ध के कारण पेट्रोल-डीजल का संकट हुआ था, उस वक्त पीएम नरेंद्र मोदी ने सभी से कार पूल करने और नेताओं व मंत्रियों से काफिले की गाड़ियां घटाने का आग्रह किया था। खुद पीएम मोदी ने अपना काफिला कुछ दिन तक सिर्फ दो गाड़ियों का ही कर लिया था।
