विपक्ष के फोन टैपिंग के आरोप पर आया केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव का बयान, Apple ने 150 देशों में जारी की एडवाइजरी
नई दिल्ली। आगामी लोकसभा चुनाव से पहले विपक्ष ने एकजुट होकर केंद्र की मोदी सरकार पर फोन टैपिंग के आरोप लगाए हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी से लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव तक ने मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। राहुल गांधी ने प्रेसवार्ता में स्पष्ट कर दिया है कि उन्हें फोन टैपिंग से कोई फर्क नहीं पड़ता है। उधऱ, अखिलेश यादव ने कहा कि फोन टैपिंग के जरिेए विरक्षी दलों की निजता पर प्रहार किया जा रहा है। वहीं, अब इस पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव का बयान सामने आया है। आइए, आगे आपको बताते हैं कि उन्होने इस पूरे प्रकरण पर क्या कुछ कहा है?
अश्विनी वैष्णव का बयान
उधर, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेसवार्ता में बयान जारी कर कहा कि, ‘ जब विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं होता है, तो इस तरह के आरोप लगाने शुरू कर दिेए जाते हैं, ताकि जनता को दिग्भ्रमित किया जा सकें। विपक्ष के पास अब केंद्र सरकार की घेराबंदी करने के लिए कोई मुद्दा नहीं बचा है, तो इस तरह के मुद्दे उठाए जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि अब ऊलजलूल मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना करना विपक्ष की आदत बन चुकी है।
एपल ने क्या कहा ?
उधर, इस पूरे विवाद पर एपल ने भी बयान जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि सरकार जिन हैकर्स को समर्थन देती है, उनके पास बहुत ही फाइनेंशियल बैकिंग होती है और वो हर बार विशेष तरीके से अपने काम को अंजाम देते हैं। लिहाजा हमें इन सभी परिस्थितियों से बचने के लिए कई बार कर्ई प्रकार के खूफिया संकेतों का सहारा लेना पड़ता है। ऐसे में हमारे द्वारा भेजे गए कुछ अलर्ट फॉल्स भी हो सकते हैं। बहरहाल, इस बार हमारे द्वारा यह अलर्ट क्यों भेजा गया है। इसकी जांच हम कर रहे हैं, तो यह था एपल का बयान। आइए, अब आगे आपको पूरा माजरा विस्तार से बताते हैं।
जानें पूरा माजरा
दरअसल, एपल की ओर से सभी विपक्षी दलों को अलर्ट मैसेज भेजा गया। हालांकि, उस मैसेज के जरिए क्या कहा गया था। इस बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं है, लेकिन विपक्षी दलों ने एकजुट होकर इसे केंद्र सरकार के विरोध में मुद्दा बना दिया है। केंद्र सरकार का कहना है कि यह आरोप पूरी तरह से बेबुनियादी हैं, जिनमें बिल्कुल भी सत्यता नहीं है।
