जानिए, कौन हैं रेवंत रेड्डी?, जिन्हें कांग्रेस बना सकती है तेलंगाना का CM, BJP से भी रहा है कनेक्शन
नई दिल्ली। बेशक, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस को निराशा हाथ लगी हो, लेकिन तेलंगाना की जनता ने कांग्रेस पर अपना खूब प्यार बरसाया है। पार्टी ने प्रदेश की 119 में से 63 सीटों पर जीत हासिल की है, जबकि बीजेपी 9 और बीआरएस 4 सीटों पर सिमटकर रह गई। वहीं, पीएम मोदी ने तेलंगाना में बीजेपी की हार पर अपनी पहली प्रतिक्रिया में कहा कि तेलंगाना की मेरी प्यारी बहनों और भाइयों, आपके समर्थन के लिए धन्यवाद। पिछले कुछ वर्षों में यह समर्थन बढ़ता ही जा रहा है और आने वाले समय में भी यह सिलसिला जारी रहेगा। तेलंगाना के साथ हमारा रिश्ता अटूट है और हम लोगों के लिए काम करते रहेंगे। मैं प्रत्येक भाजपा कार्यकर्ता के मेहनती प्रयासों की भी सराहना करता हूं।
वहीं, तेलंगाना में बीजेपी की करारी शिकस्त को लेकर बहुत मुमकिन है कि आगामी दिनों में पार्टी में चिंतन-मंथन का सिलसिला शुरू हो और यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि आखिर इस हार के पीछे की वजह क्या है? हालांकि, पार्टी अभी देश के तीन बड़े हिंदी सूबों में मिली जीत से गदगद है, लेकिन कोई गुरेज नहीं यह कहने में कि आगामी दिनों में पार्टी दक्षिण के सूबों में अपना जनाधार बढ़ाने के प्रति अपनी रूपरेखा तैयार कर उसे जमीन पर उतारने की कवायद शुरू करेगी। बहरहाल, अब आगामी दिनों में दक्षिण के प्रांतों को साधने की दिशा में बीजेपी की ओर से क्या कुछ कदम उठाए जाते हैं। इस पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी, लेकिन उससे पहले आपको बता दें कि तेलंगाना में रेवंत रेड्डी को लेकर यकायक चर्चाओं का बाजार गुलजार हो चुका है। बताया जा रहा है कि उन्हें कांग्रेस तेलंगाना के सीएम पद से विभूषित कर सकती है। आइए, इस रिपोर्ट में आगे जानते हैं कि आखिर रेवंत रेड्डी कौन हैं ?
कौन हैं रेवंत रेड्डी ?
आपको बता दें कि रेवंत रेड्डी तेलंगाना कांग्रेस के प्रदेश अध्य़क्ष हैं, जो कि पिछले कई वर्षों से पार्टी की समृद्धि के लिए काम कर रहे हैं। संभवत: यह उनके श्रम का ही नतीजा है कि आज कांग्रेस बीआरएस जैसे क्षेत्रीय दलों को परास्त करने में सफल रही है। ध्यान दें, रेवंत रेड्डी वर्तमान में सांसद और कांग्रेस के प्रदेश अध्य़क्ष हैं। इससे पहले वे विधायक भी रह चुके हैं। वहीं, अब माना जा रहा है कि उन्हें पार्टी तेलंगाना का सीएम भी बना सकती है। पिछले कुछ वर्षों में रेवंत रेड्डी बड़ी ताकत बनकर उभरे हैं।
कैसा रहा रेवंत रेड्डी का सियासी सफ़र
रेवंत रेड्डी ने अपने सियासी सफर का आगाज एबीवीपी से किया था। वो कोडांगल से चुनाव जीतकर विधायक बने थे। 2009 और फिर 2014 में टीडीपी के टिकट पर जीते रेवंत रेड्डी को 2018 के चुनावों में कांग्रेस से लड़ने पर हार का सामना करना पड़ा था। आपको बता दें कि इसके बाद कांग्रेस ने उन्हें 2019 के लोकसभा चुनावों में मल्काजगिरी लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा। रेवंत रेड्डी ने मजबूत वापसी करते हुए इस सीट से जीत हासिल की थी और फिर लोकसभा पहुंचे थे।
कैसा रहा पारिवारिक और शैक्षणिक सफर
सनद रहे कि रेवंत रेड्डी का जन्म 8 नवंबर 1969 में हुआ था। वह 2009 और 2014 के बीच आंध्र प्रदेश विधानसभा और 2014 और 2018 के बीच तेलंगाना विधानसभा में तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) से कोडंगल निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले विधान सभा (एमएलए) के दो बार सदस्य थे। अक्टूबर 2017 में, उन्होंने टीडीपी छोड़ दी थी और कांग्रेस में शामिल हो गए थे। वहीं, 2021 में उन्हें कांग्रेस ने प्रदेश अध्य़क्ष की जिम्मेदारी सौंपी थी।
