May 30, 2026

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‘पारिवारिक विवाद में फर्जी केस दर्ज कराने को प्रोत्साहित न करें वकील’, पति पर लगे 10 केस खारिज करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दी नसीहत

नई दिल्ली। आजकल पारिवारिक विवाद में कई बार फर्जी केस दर्ज कराने की बात सामने आती है। इस पर सुप्रीम कोर्ट से लेकर तमाम हाईकोर्ट तक चिंता जता चुके हैं। अब सुप्रीम कोर्ट ने पारिवारिक विवाद के कारण दर्ज कराए जाने वाले फर्जी केस पर वकीलों को नसीहत दी है। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्जल भुयां की बेंच ने वकीलों से कहा कि वैवाहिक विवादों में निराधार और झूठे आरोपों वाले मुकदमों को बार के सदस्य और अदालतें हतोत्साहित करें। कोर्ट ने कहा कि वकीलों का कर्तव्य है कि वे अपने मुवक्किलों को जीवनसाथी के खिलाफ फर्जी आपराधिक कार्रवाई शुरू करने से रोकें। उनको ऐसे केस लगाने के लिए प्रेरित न करें।

सुप्रीम कोर्ट ने एक शख्स और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ पत्नी की ओर से दर्ज कराए गए 10 से ज्यादा केस को रद्द करते हुए वकीलों की नसीहत दी। इस शख्स पर पत्नी ने पॉक्सो और रेप तक के आरोप लगाए थे। कोर्ट ने अचिन गुप्ता बनाम हरियाणा सरकार के मामले में अपने फैसले का हवाला देते हुए कहा कि बार के सदस्यों की समाज के प्रति बड़ी जिम्मेदारी है। उनकी जिम्मेदारी है कि पारिवारिक जिंदगी की सामाजिक संरचना को नुकसान न हो। सुप्रीम कोर्ट बेंच ने कहा कि बार के सदस्यों को ध्यान रखना चाहिए कि छोटी-मोटी घटनाओं को खूब बढ़ाकर आपराधिक शिकायतों में तब्दील न किया जाए। कोर्ट ने कहा कि ज्यादातर ऐसी शिकायतें वकीलों के सुझाव या सहमति से दर्ज की जाती है।

सुप्रीम कोर्ट के सामने ये मामला लंबे वक्त से चल रहे पारिवारिक विवाद के कारण आया था। शख्स की शादी साल 2008 में हुई। दंपति के दो बच्चे हैं। साल 2011 में पत्नी अपने ससुराल से चली गई। दोनों बच्चे अपने पिता के साथ ही रहे। इसके बाद पत्नी ने पति पर 10 से ज्यादा आपराधिक और दिवानी के केस कर दिए। इनमें हत्या की कोशिश, रेप, पॉक्सो, घरेलू हिंसा के साथ ही तलाक लेने का केस भी शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट से इन सभी केस को रद्द किए जाने से शख्स को बड़ी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट पहले भी कई बार धारा 498ए के दुरुपयोग पर चिंता जताता रहा है। कोर्ट ने पहले ही नियम बनाया है कि इस धारा के तहत शिकायत होते ही आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा। पुलिस पहले जांच करेगी और प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।

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