गुजरात एटीएस ने पांच संदिग्धों को पकड़ा, भगवान जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान हिंसा की साजिश का शक
अहमदाबाद। गुजरात में भी भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा को धूमधाम से मनाया जाता है। रथयात्रा के दौरान पुख्ता सुरक्षा भी मुहैया कराई जाती है और एजेंसियां चौकस रहती हैं। इसी चौकसी की वजह से रथयात्रा से ठीक पहले गुजरात में पांच संदिग्ध हिरासत में लिए गए हैं। गुजरात एटीएस ने इन सभी को सिद्धपुर से हिरासत में लिया है। इनके पाकिस्तानी आतंकी संगठनों से संबंध होने का गुजरात एटीएस को शक है।
गुजरात एटीएस सूत्रों ने मीडिया को बताया कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान राज्य में शांति और सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देने की साजिश का पता चला था। गुजरात एटीएस को पता चला कि कुछ संगठन ऐसा करने की कोशिश करने वाले हैं। जांच के दौरान गुजरात एटीएस को पता चला कि संदिग्ध लोग सिद्धपुर तालुका के हैं। इस पर गुजरात एटीएस ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई करते हुए इन संदिग्धों को दबोच लिया। सभी से गहन पूछताछ की जा रही है। ताकि पता किया जा सके कि साजिश अगर रची गई, तो उसके तार कहां तक जुड़े हैं। इससे पहले भी गुजरात पुलिस और एटीएस ने संदिग्धों की धरपकड़ की कार्रवाई की है।
गुजरात में 11 दिन पहले भी 8 संदिग्धों को पकड़ा गया था। इनमें सिद्धपुर से तीन लोग थे। अब भी सिद्धपुर से ही संदिग्धों की गिरफ्तारी हुई है। गुजरात सरकार, पुलिस और एटीएस ने रथयात्रा के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी न होने देने के लिए कमर कसी हुई है। बता दें कि गुजरात में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान पहले कई बार हिंसा की घटनाएं हो चुकी हैं। गुजरात में बीजेपी की सरकार के सत्ता संभालने के दौरान कई आतंकी घटनाओं को अंजाम दिया गया। इस वजह से गुजरात पुलिस और एटीएस हमेशा चौकसी बरतते हैं। इस चौकसी की वजह से कई आतंकी गुजरात में एनकाउंटर में मारे भी जा चुके हैं। इनमें इशरत जहां भी थी। इशरत जहां पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ी थी।
