अब वेटिंग टिकट लेकर स्लीपर और एसी कोच में यात्रा करना पड़ेगा महंगा, जान लीजिए रेलवे के नए नियम
नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने आज 1 जून 2026 से एक नियम में बदलाव किया है। ट्रेनों में भीड़ नियंत्रण के लिए रेलवे ने नियम बनाया है कि अब काउंटर से लिए गए वेटिंग टिकट पर भी यात्री स्लीपर और एसी कोच में सफर नहीं कर सकेंगे। रेलवे ने पहले ऑनलाइन खरीदे गए वेटिंग टिकट वाले यात्रियों के स्लीपर और एसी कोच में सफर पर रोक लगाई थी। ताजा नियम से वेटिंग टिकट वाले यात्रियों को जनरल कोच में ही सफर करना होगा।
रेलवे के मुताबिक अक्सर देखा जाता है कि वेटिंग टिकट वाले स्लीपर या एसी कोच की कन्फर्म सीटों पर कब्जा करने की कोशिश करते हैं। ऐसे में इन सीटों के यात्रियों को दिक्कत होने के साथ ही विवाद की स्थिति भी पैदा होती है। रेलवे की ओर से नए नियम लागू होने के कारण अब वेटिंग टिकट का यात्री अगर स्लीपर कोच में सफर करता मिला, तो उसे 250 रुपए जुर्माना देने के साथ ही जनरल कोच में जाना होगा। एसी कोच में वेटिंग टिकट लेकर यात्रा करने पर 440 रुपए जुर्माना और पूरा किराया भी रेलवे लेगा। साथ ही टीटीई ऐसे यात्रियों को एसी कोच से जनरल में भेजने या अगले स्टेशन पर उतारने का फैसला कर सकता है। साथ ही बिना टिकट यात्रा के जुर्म में जेल या 1000 रुपए का जुर्माना भी लग सकता है।
इसके अलावा रेलवे ने एडवांस टिकट बुकिंग की समयसीमा को भी बदला है। अब रेलवे टिकट रिजर्वेशन को 120 दिन की जगह घटाकर 60 दिन किया गया है। अगर टिकट को अपग्रेड किया गया, तो पीएनआर नंबर वही रहेगा। ऐसे अपग्रेड टिकट के रद्द होने पर मूल श्रेणी का पैसा ही रिफंड होगा। रेलवे ने फर्स्ट एसी में अपग्रेड को पूरी तरह बंद कर दिया है। यानी स्लीपर क्लास के यात्री का टिकट सिर्फ थर्ड एसी या सेकेंड एसी में ही अपग्रेड होगा। रेलवे की ओर से वेटिंग टिकट संबंधी और अन्य बदलावों के बारे में कई तरह से यात्रियों को जानकारी दी जा रही है। अगर आपके पास भी किसी ट्रेन का वेटिंग टिकट है, तो जुर्माना वगैरा से बचने के लिए स्लीपर या एसी कोच में सफर न करें।
