कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच आज लोकसभा सीटों के बंटवारे पर होगी चर्चा
नई दिल्ली। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच आज लोकसभा सीटों के बंटवारे पर चर्चा होनी है। आम आदमी पार्टी की तरफ से केजरीवाल सरकार में मंत्री आतिशी और सौरभ भारद्वाज इस चर्चा में हिस्सा लेंगे। वहीं, कांग्रेस की तरफ से अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की बनाई को-ऑर्डिनेशन कमेटी के सदस्य होंगे। इस चर्चा में दिल्ली की 7 और पंजाब की 13 लोकसभा सीटों के बंटवारे का मुद्दा होगा। न्यूज चैनल आजतक के मुताबिक आम आदमी पार्टी की तरफ से दिल्ली में कांग्रेस के मन मुताबिक सीटें देने पर रजामंदी हो सकती है, लेकिन पंजाब की ज्यादा सीटें अरविंद केजरीवाल की पार्टी मांग सकती है। ऐसा अगर हुआ, तो कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच सीटों के बंटवारे का मसला उलझ सकता है।
न्यूज चैनल के मुताबिक कांग्रेस और लालू यादव की आरजेडी के बीच रविवार को बिहार की लोकसभा सीटों के मसले पर चर्चा हुई। बिहार में आरजेडी और जेडीयू 16-16 सीटों और कांग्रेस 8 सीटों पर लोकसभा चुनाव लड़ना चाहती हैं। पहले खबर ये आई थी कि कांग्रेस को आरजेडी और जेडीयू सिर्फ 4 लोकसभा सीटें ही देना चाहती हैं। हालांकि, बैठक के बाद कांग्रेस के नेताओं का दावा रहा कि चर्चा सौहार्दपूर्ण रही है और दोनों पक्षों ने अपनी बात रखी। कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि बिहार को लेकर अभी और चर्चा का दौर चलेगा। अगली बातचीत कब होगी, इस बारे में अभी दोनों पक्षों ने और कुछ नहीं कहा है।
कांग्रेस के बारे में पहले ये खबर भी आ चुकी है कि वो 545 में से 290 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को 539 लोकसभा सीटों के लिए संयोजकों की नियुक्ति कर दी। इससे लग रहा है कि अगर सीट बंटवारे पर कांग्रेस की इंडिया गठबंधन के दलों से बात न बनी, तो वो अकेले ही सभी लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी करेगी। फिलहाल कांग्रेस की तरफ से और कोई जानकारी नहीं दी गई है। फिर भी सारे समीकरण देखने के बाद अगले कुछ हफ्तों में इंडिया गठबंधन की सियासत के रोचक होने के आसार दिख रहे हैं। इससे पहले टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के लिए 2 सीटें देने की बात कही थी। जबकि, महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना-यूबीटी पहले ही 23 लोकसभा सीटों पर दावा कर चुकी है। यूपी में भी अखिलेश यादव ने लोकसभा सीटों के बंटवारे पर पेच फंसा रखा है।
