चार आरोपी गिरफ्तार, बजरंग दल जिला प्रमुख ने ही कटवाई थी गाय, दुश्मन को फंसाने रची थी साजिश
मुरादाबाद. उत्तर प्रदेश में हिंदू संगठन के लोग ही गाय कटवाने के आरोप में गिरफ्तार हो रहे हैं. पिछले साल आगरा में रामनवमी के दिन गाय कटवाकर दंगा भड़काने की साजिश रची गई थी. पुलिस ने इस मामले में हिंदू महासभा राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय जाट और जितेंद्र कुशवाह को गिरफ्तार किया था. बरेली में करणी सेना के जिलाध्यक्ष के गोहत्या कराने के मामले के खुलासे के बाद अब बजरंग दल के जिला प्रमुख गोहत्या में फंसे हैं. मुरादाबाद में बजरंग दल जिला प्रमुख सहित चार आरोपियों को गाय कटवाने के आराेप में पुलिस ने गिरफ्तार किया है.
एसएसपी हेमराज मीणा के निर्देशन में हुई जांच में बजरंग दल के जिलाप्रमुख सुमित उर्फ मोनू विश्नोई गोकशी का मुख्य आरोपी निकला है. हैरानी की बात यह है कि इन्होंने गोकशी का खुलासा करने के लिए थाने पर प्रदर्शन भी किया था. मुरादाबाद पुलिस ने गोवंश कटान में बजरंग दल के जिला प्रमुख सुमित उर्फ मोनू विश्नोई बजरंगी सहित रमन चौधरी, राजीव चौधरी और शहाबुद्दीन को पकड़ा है. इस गैंग ने 15 दिन में 2 जगह गोकशी की. कावड़ मार्ग पर अवशेष छोड़ दिए गए. इसके बाद पुलिस पर दबाव बनाया गया. जिसके नाम के सबूत मौके से मिल रहे हैं, उसे पकड़ लिया जाए.
बजरंग दल जिला प्रमुख ही निकला मुख्य आरोपी
बता दें कि बीती 16 जनवरी को थाना छजलेट इलाके के कावड़ पथ पर गोवंश के अवशेष मिले थे. दूसरी घटना भी थाना छाजलेट के ग्राम चेतराम में 28 जनवरी में हुई जहां गोवंश पड़ा हुआ मिला था. पुलिस को दोनो ही घटनाओं की सूचना बजरंग दल कार्यकर्ता द्वारा दी गई थी. यही नहीं गोहत्या का खुलासा नहीं होने और नोनू विशनोई के नेतृत्व में थाने पर प्रदर्श किया गया था और पुलिस पर आरोपियों से मिलीभगत का आरोप लगाया था. एसएसपी ने मामले के खुलासे के लिए टीम का गठन किया था. शुरुआती जांच में दोनो घटनाएं संदिग्ध मिलीं जिस पर पुलिस ने आपरेशन पॉसिबल के तहत घटनाओं की बारीकी से जांच की. पुलिस ने सूचना देने वाले व्यक्ति से पूछताछ की.
दुश्मन को फंसाने के लिए रची साजिश
गाय काटकर डालने का मकसद शहाबुद्दीन के दुश्मन महमूद को जेल भिजवाने का था. इसलिए गोकशी वाली जगह महमूद का फोटो, नाम सहित एक कागज़ छोड़ा गया, जिससे पुलिस उसे जेल भेज दे. पुलिस ने अच्छी इन्वेस्टिगेशन की और महमूद को नहीं पकड़ा. दरअसल शुरू मे ही पुलिस को इस गोकशी पर शक था और यह शक सही निकला. गोंवंश काटने वाला गैंग फिर SHO को हटवाने की साजिश में लग गया. इसलिए दूसरी बार गोकशी करके अवशेष फेंक दिए और खुद SHO के खिलाफ प्रोटेस्ट करने लगे. लेकिन पुलिस जांच में सारी साजिश खुल गई.
NEWS SOURCE : lalluram
