‘Thank You PM Modi’: कतर की जेल से रिहा भारत के पूर्व नौसैनिक, भारत लौटकर पीएम मोदी को दिया धन्यवाद
नई दिल्ली। कतर ने जासूसी के आरोप में मौत की सजा पाने वाले भारतीय नौसेना के 8 पूर्व कर्मचारियों को रिहा कर दिया है। इनमें से 7 भारत लौट आए हैं। मोदी सरकार की ये बड़ी कूटनीतिक जीत है। रिहा होने वाले लोगों के नाम कैप्टन नवतेज गिल, कैप्टन सौरभ वशिष्ठ, कमांडर पूर्णेंदु तिवारी, अमित नागपाल, एसके गुप्ता, वीके वर्मा, सुगुनाकर पकाला और नाविक रागेश हैं। अगस्त 2022 में इन सभी को जासूसी के आरोप में कतर में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद अक्टूबर 2023 में सभी को कतर की एक अदालत ने मौत की सजा सुना दी थी। भारत सरकार ने सभी के लिए कानूनी रास्ता तलाशा। जिसके बाद कतर की अदालत ने सभी भारतीय नागरिकों की मौत की सजा दिसंबर 2023 में कम कर दी थी। इन सभी को अदालत ने 3 से 25 साल तक की सजा सुनाई थी।
कतर से वापस भारत लौटने पर सभी पूर्व नौसैनिकों ने सुरक्षित भारत लौटने पर पीएम नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया है। नौसैनिकों ने भारत लौटने पर कहा कि हम कतर से सुरक्षित लौटने पर बहुत खुश हैं। उन्होंने कहा कि हम निश्चित तौर पर पीएम नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देना चाहते हैं। पूर्व नौसैनिकों ने कहा कि पीएम मोदी के निजी हस्तक्षेप के कारण ही हमारी कतर से रिहाई हो सकी है। जिन लोगों को कतर ने गिरफ्तार किया था, उनमें से पूर्णेंदु तिवारी को 25 साल की सजा वहां की अदालत ने बाद में दी थी। जबकि, रागेश को 3 साल की सजा सुनाई गई थी। बाकी भारतीय पूर्व नौसैनिकों को 10 से 15 साल की सजा कतर की अदालत ने पिछले साल दिसंबर में सुनाई थी।
कतर से जो अफसर रिहा हुए हैं, उनमें शामिल कैप्टन नवतेज गिल को उत्कृष्टता के लिए राष्ट्रपति ने गोल्ड मेडल से भी नवाजा था। भारत सरकार ने कतर से सभी भारतीयों की रिहाई और वतन वापसी पर खुशी जताई है और कतर के अमीर को इसके लिए धन्यवाद दिया है। लोकसभा चुनाव के एलान से ठीक पहले कतर से आई इस खुशखबरी से मोदी सरकार को एक बार फिर जनता के सामने अपना दम दिखाने का मौका मिला है।
