सरस्वती पूजन के दौरान प्रिंसिपल विकास नागर ने बताया ज्ञान ही सबसे बड़ा वरदान है।
हिंद फॉक्स न्यूज/गौतम बुध नगर :- संपूर्ण विश्व में वसंत पंचमी को सरस्वती पूजन के रूप में मनाया जाता है। यू पी के गौतम बुद्ध नगर में जेवर के समीप दनकौर में स्थित ईस्टर्न दिल्ली पब्लिक स्कूल में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी हर्षो उल्लास से सरस्वती पूजन किया गया।
प्रिंसिपल विकास नागर ने सरस्वती पूजन के दौरान दीप प्रज्वलित कर बच्चों को वसंत पंचमी की विशेषता बताते हुए कहा कि वसंत पंचमी की मान्यता ज्ञान और विद्या की देवी सरस्वती की कृपा पाने के पर्व के रूप में है, वसंत पंचमी के दिन माँ सरस्वती की पूजा अर्चना की जाती है, मां सरस्वती के हाथ में पुस्तक ज्ञान का प्रतीक है तो माला निरंतर साधना का सूचक है। माँ सरस्वती का कमल पर बैठना कुंडली शक्ति को जागृत कर चिंतन शक्ति को उर्ध्वगामी बनाने के लिए है, मां सरस्वती श्वेत वस्त्र पहनती है जो सात्विकता का प्रतीक है, जबकि आसन का पीला वस्त्र ज्ञान का प्रतीक है और ज्ञान ही सबसे बड़ा वरदान है।
