यूरोपीय स्पेस एजेंसी के डायरेक्टर जनरल ने की इसरो की तारीफ, बोले- उपलब्धियां हैरान करने वाली
पेरिस। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी इसरो की दुनिया में तारीफ हो रही है। एक रॉकेट से 100 से ज्यादा सैटेलाइट अंतरिक्ष में प्रक्षेपित करने और चांद के दक्षिणी ध्रुव पर पहली बार यान उतारने वाले इसरो ने अपनी स्थापना से ही दुनिया को अंतरिक्ष से जुड़ी वैज्ञानिक प्रतिभा दिखानी शुरू कर दी थी। अब यूरोपीय स्पेस एजेंसी यानी ईएसए ने भी इसरो की जमकर तारीफ की है। ईएसए के डायरेक्टर जनरल जोसेफ ऐशबेकर ने सफल प्रक्षेपणों के लिए इसरो की सराहना की है। ईएसए के डायरेक्टर जनरल ने कहा है कि अंतरिक्ष और चांद के बारे में भारत की उपलब्धियां हैरान करती हैं।
फ्रांस की राजधानी पेरिस में ईएसए की 323वीं बैठक में जोसेफ ऐशबेकर ने इसरो की तारीफ की। इस बैठक में इसरो की तरफ से उसके अध्यक्ष एस. सोमनाथ भी शामिल हुए थे। ईएसए के डायरेक्टर जनरल जोसेफ ऐशबेकर ने कहा कि इसरो के अध्यक्ष डॉ. एस. सोमनाथ की हमने मेजबानी की। ईएसए और इसरो के बीच सहयोग के लिए मौजूदा और भविष्य की योजनाओं के बारे में ये बैठक बहुत खास रही। ईएसए के डायरेक्टर जनरल ने कहा कि इसरो के साथ संबंधों को मजबूत और गहरा करना रणनीतिक महत्व का है और इसे किसी भी तरह कम करके नहीं आंका जा सकता। बैठक में अंतरिक्ष यात्री थॉमस पेस्केट ने कहा कि इसरो प्रमुख और ऐशबेकर को साथ पाकर बहुत गर्व हो रहा है।
भारत के इसरो और यूरोपीय स्पेस एजेंसी ईएसए के बीच पुराना सहयोग है। इसरो के तमाम सैटेलाइट ईएसए ने अपने दमदार रॉकेटों के जरिए अंतरिक्ष में भेजे हैं। भारत अब कई उपग्रह खुद के दम पर अंतरिक्ष में भेजता है। चंद्रयान भी अपने ही रॉकेट से भारत ने भेजा था। वहीं, सूरज के लिए उसने बीते दिनों आदित्य-एल1 सैटेलाइट भी भेजा है। इसरो अब अपने दम पर गगनयान के जरिए अंतरिक्ष यात्रियों को भी भेजने वाला है। पहले गगनयान यात्रियों का चुनाव हो चुका है और इनको 2025 में अंतरिक्ष में भेजा जाएगा। इसके अलावा इसरो की योजना 2030 तक स्पेस स्टेशन भी बनाने का है।
