नेशनल हेराल्ड केस में कांग्रेस को जोर का झटका, संपत्ति जब्त करने के ईडी के फैसले को पीएमएलए ऑथोरिटी ने सही ठहराया
नई दिल्ली। नेशनल हेराल्ड केस में कांग्रेस को जोर का झटका लगा है। पीएमएलए एडजुकेटिंग ऑथोरिटी ने सुनवाई के बाद नेशनल हेराल्ड केस में ईडी की कार्रवाई को सही ठहराया है। ईडी ने नेशनल हेराल्ड मामले में इसे चलाने वाली कंपनी एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड यानी एजेएल और यंग इंडियन के खिलाफ जांच के बाद संपत्ति जब्त करने का आदेश दिया था।
पीएमएलए एडजुकेटिंग ऑथोरिटी ने एजेएल और यंग इंडियन की 752 करोड़ रुपए की संपत्ति को जब्त करने के आदेश को सही ठहरा दिया है। अब ईडी इन सभी संपत्तियों को जब्त कर सकेगी। एजेएल और यंग इंडियन की दिल्ली में नेशनल हेराल्ड हाउस, लखनऊ में नेहरू भवन और मुंबई में नेशनल हेराल्ड हाउस के अलावा कई और शहरों में भी संपत्तियां हैं। ईडी ने नेशनल हेराल्ड मामले में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कई अन्य से पूछताछ की थी। नेशनल हेराल्ड मामले में ही सोनिया गांधी और राहुल गांधी जमानत पर भी हैं। इस मामले में जो यंग इंडियन कंपनी शामिल है, उसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी के 76 फीसदी शेयर हैं।
नेशनल हेराल्ड को एजेएल प्रकाशित करता है। इसका मालिकाना हक अभी यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के पास है। पीएमएलए एडजुकेटिंग ऑथोरिटी ने अपने फैसले में कहा है कि ईडी ने जो संपत्ति जब्त करने का फैसला किया है, वो और इक्विटी अपराध की कमाई हैं। कोर्ट ने इन संपत्तियों को मनी लॉन्ड्रिंग से भी जुड़ा माना है। ईडी ने नवंबर 2023 में एजेएल और यंग इंडियन के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत संपत्तियों को जब्त करेन का आदेश जारी किया था। अब पीएमएलए ट्रिब्यूनल के ताजा फैसले से कांग्रेस और गांधी परिवार के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
