अतीक अहमद, टिल्लू ताजपुरिया की हिरासत में हत्या का हवाला देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट से अरविंद केजरीवाल को बेल देने की गुजारिश
नई दिल्ली। अरविंद केजरीवाल की सुरक्षा को तिहाड़ जेल में खतरा बताते दिल्ली उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की गई है। इस याचिका में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को उनके कार्यकाल पूरा होने तक प्रवर्तन निदेशालय सहित उनके खिलाफ दर्ज सभी आपराधिक मामलों में “असाधारण अंतरिम जमानत” पर रिहा करने की मांग की गई है। इस जनहित याचिका में गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया और अतीक अहमद की हिरासत में हुई हत्याओं का उदाहरण देते हुए कहा गया है कि तिहाड़ जेल में केजरीवाल की जान को खतरा हो सकता है।
‘लाइव ला’ के अनुसार यह जनहित याचिका एक विधि छात्र ने ‘हम भारत के लोग’ नाम से दायर की है। विधि छात्र कहा है कि उसने इस उपाधि का इस्तेमाल सिर्फ इसलिए किया, क्योंकि उसे कोई प्रसिद्धि या लाभ नहीं चाहिए। अधिवक्ता करण पाल सिंह के माध्यम से दायर की गई याचिका पर सोमवार को कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनमोहन और न्यायमूर्ति मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की खंडपीठ द्वारा सुनवाई की जाएगी।
इससे पहले दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार में मंत्री आतिशी ने प्रेस कांफ्रेंस कर केजरीवाल की डाइट को लेकर ईडी पर गंभीर आरोप लगाए। आतिशी ने कहा कि ईडी द्वारा राउज एवेन्यू कोर्ट में जो कहा गया है कि केजरीवाल जेल में जानबूझकर अपनी शुगर बढ़ाने के लिए मीठा खा रहे हैं, ताकि उनको मेडिकल आधार पर जमानत मिल सके, ये दरअसल एक साजिश है, जिससे केजरीवाल को घर का खाना खाने से रोका जा सके। आतिशी ने कहा कि बीजेपी वाले चाहते हैं कि किसी भी तरह से उनका घर का खाना बंद कराया जाए और फिर उन्हें जेल का ही खाना खिलाकर उनके स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जाए।
वहीं बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने केजरीवाल की डाइट को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली के सीएम को तिहाड़ जेल से स्थानांतरित करते हुए दिल्ली के बाहर एक ऐसी जेल में स्थानांतरित किया जाए जो कि आम आदमी पार्टी सरकार के अधीन नहीं हो।
