झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने साबित किया बहुमत, अब होगा मंत्रिमंडल विस्तार
नई दिल्ली। झारखंड के नए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने फ्लोर टेस्ट पास करते हुए बहुमत साबित कर दिया है। सरकार के पक्ष में 45 वोट पड़े, विश्वास मत हासिल करने के लिए 39 वोटों जरूरत थी। इस समय झारखंड की 81 सदस्यीय विधानसभा में 76 विधायक हैं। 5 सीटें खाली हैं क्योंकि बीजेपी और जेएमएम के 2-2 विधायक लोकसभा चुनाव जीतकर सांसद बन चुके हैं जबकि जेएमएम की पूर्व विधायक और हेमंत सोरेन की भाभी सीता सोरेन ने बीजेपी में शामिल होने के चलते पद से इस्तीफा दे दिया था।
ऐसी चर्चा है कि हेमंत सोरेन आज ही मंत्रिमंडल विस्तार कर सकते हैं। राज्य में होने वाले विधासनभा चुनाव के चलते सरकार में कुछ नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है। जेएमएम कोर्ट से 6 विधायकों को मंत्रिमंडल विस्तार में शामिल किया जा सकता है। जबकि कांग्रेस के कोटे से 4 और आरजेडी के 1 विधायक को मंत्री बनाया जा सकता है, हालांकि इस बात की अभी कोई पुष्टि नहीं हुई है। माना जा रहा है नए मंत्रियों के नाम फाइनल कर लिए गए हैं।
आपको बता दें कि हेमंत सोरेन ने 4 जुलाई को ही तीसरी बार प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। इससे पहले भूमि घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हेमंत को 31 जनवरी 2024 को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी से पहले ही हेमंत ने इस्तीफा दे दिया था। उस समय ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि हेमंत अपने पीछे पत्नी कल्पना सोरेन को मुख्यमंत्री बनाएंगे लेकिन परिवार में फूट के चलते ऐसा संभव नहीं हुआ। इसके बाद चंपई सोरेन को राज्य का नया मुख्यमंत्री चुना गया। तब से चंपई ही प्रदेश की कमान संभाल रहे थे। इधर दिल्ली हाईकोर्ट ने 28 जून को हेमंत सोरेन को जमानत दे दी थी। इसके बाद मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने राज्यपाल को अपना इस्तीफा दे दिया और हेमंत फिर से मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज हो गए।
