यूपीएससी के अध्यक्ष मनोज सोनी ने दिया इस्तीफा, क्या वजह है जो कार्यकाल खत्म होने के पांच साल पहले छोड़ दिया पद?
नई दिल्ली। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) के अध्यक्ष मनोज सोनी ने अचानक ही अपने पद से इस्तीफा दे दिया। बताया जा रहा है कि सोनी ने जून में ही अपना इस्तीफा राष्ट्रपति को सौंप दिया था मगर इसकी जानकारी आज सार्वजनिक हुई है। हालांकि उनका इस्तीफा अभी तक स्वीकार नहीं हुआ है। मनोज सोनी ने पिछले साल 16 मई, 2023 को ही यूपीएससी अध्यक्ष का पदभार संभाला था और उनका कार्यकाल 15 मई 2029 तक का था। सवाल यह खड़े हो रहे हैं कि कार्यकाल खत्म होने के पांच साल पहले ही आखिर सोनी ने इस्तीफा क्यों दिया? ऐसी चर्चा है कि उन्होंने व्यक्तिगत कारणों के चलते इस्तीफा दिया है। कहा यह भी जा रहा है सोनी के इस्तीफे का विवादित ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर के मामले से कोई संबंध नहीं है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सोनी अब गुजरात के अनुपम मिशन में अधिक समय देना चाहते हैं। आपको बता दें कि मनोज सोनी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का करीबी माना जाता है। नरेंद्र मोदी ने मनोज सोनी को साल 2005 में गुजरात के वडोदरा स्थित एमएस विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया था। उस वक्त सोनी की उम्र 40 वर्ष थी और वो देश के सबसे कम उम्र के कुलपति बने थे। यहां के बाद वो गुजरात की ही बाबा साहेब डाक्टर भीमराव आंबेडकर ओपन यूनिवर्सिटी में भी कुलपति रहे। यहां उन्होंने लगातार दो कार्यकाल पूरे किए।
संघर्षों भरा रहा है जीवन
मनोज सोनी का जीवन काफी संघर्षों भरा रहा है। साल 1965 में मुंबई में जन्मे मनोज सोनी जब पांचवीं क्लास में थे तभी उनके पिता का निधन हो गया था। उनके जीवन में एक समय ऐसा आया जब उन्हें सड़कों पर अगरबत्ती तक बेचनी पड़ी। इसके बावजूद मनोज ने हिम्मत नहीं हारी और बहुत ही गरीबी को झेलते हुए अपनी पढ़ाई जारी रखी। आर्थिक स्थिति खराब होने के बावजूद मनोज के हौसले बुलंद थे। अपनी लगन और मेहनत के दम पर मनोज सोनी ने यूपीएससी के अध्यक्ष तक का सफर तय कर लिया।
