भारत ने कनाडा के समक्ष उठाया हिंदू मंदिर में तोड़फोड़ का मामला, विदेश मंत्री की जापान यात्रा के बारे में भी दी जानकारी
नई दिल्ली। भारत ने कनाडा के एडमॉन्टन में खालिस्तानी समर्थकों द्वारा बीएपीएस स्वामीनारायण मंदिर में की गई तोड़फोड़ और मंदिर की दीवारों पर भारत विरोधी नारे लिखे जाने की घटना को गंभीरता लिया है। भारत ने कनाडा के समक्ष इस मामले को उठाते हुए इस कृत्य में शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंदिर में तोड़फोड़ की घटना की निंदा करते हुए बताया कि हमने दिल्ली और ओटावा दोनों जगहों पर कनाडाई अधिकारियों के साथ इस मामले को दृढ़ता से उठाया है। हमने स्थानीय अधिकारियों से तोड़फोड़ की घटना के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ त्वरित और कड़ी कार्रवाई करने की मांग उठाई है। जायसवाल ने कहा कि कनाडा में मंदिरों के खिलाफ ये हमले एक बार-बार होने वाली घटना बन गए हैं और एक उद्देश्य के साथ किए जाते हैं, जिसे समझना बहुत मुश्किल नहीं है, उग्रवाद और हिंसा की वकालत करने वालों और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय के दायरे में लाने की जरूरत है अन्यथा कनाडा में कानून का शासन और बहुलवाद के प्रति सम्मान को गंभीर रूप से कमजोर किया जाता रहेगा।
बांग्लादेश में आरक्षण को लेकर जारी हिंसा मामले में बात करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि लगभग 6,700 भारतीय छात्र बांग्लादेश से सुरक्षित वापस लौट चुके हैं। हमारे जो भी छात्र वहां हैं वो सुरक्षित हैं और दूतावास के अधिकारी लगातार हालात पर नज़र जमाए हुए हैं। क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए विदेश मंत्री एस. जयशंकर की आगामी जापान यात्रा पर जानकारी देते हुए जायसवाल बोले, विदेश मंत्री 29 जुलाई को होने वाली बैठक के लिए जापान जाएंगे। क्वाड एजेंडे को आगे बढ़ाने और अब तक हासिल की गई सभी उपलब्धियों का जायजा लेने का एक दोनों देशों के लिए यह एक मूल्यवान अवसर है।
प्रवक्ता रणधीर ने बताया कि हम पहली बार लीबिया की राजधानी त्रिपोली में भारतीय दूतावास स्थापित करने जा रहे हैं। इसके लिए भारतीय अधिकारी वहां पहुंच चुके हैं। हालांकि अभी इस विषय में काम चल रहा है और जल्द ही लीबिया में भी भारतीय दूतावास स्थापित हो जाएगा। उसके बाद, हम लीबिया के साथ अपने सहयोग को बढ़ाने और विस्तारित करने के लिए काम करेंगे।
