हेमंत सोरेन को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, बरकरार रहेगी जमानत, ईडी की याचिका खारिज
नई दिल्ली। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत देते हुए उनकी जमानत को बरकरार रखा है। शीर्ष अदालत ने हाईकोर्ट द्वारा दिए गए जमानत के फैसले को बिलकुल सही करार देते हुए उसमें दखल देने से इनकार कर दिया। इसी के साथ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की याचिका भी खारिज कर दी। ईडी ने हाईकोर्ट द्वारा जमानत के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट के समक्ष याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बी. आर. गवई और जस्टिस के. वी. विश्वनाथन की बेंच ने अपने फैसले में कहा कि हाईकोर्ट का निर्णय पूरी तरह से तर्कसंगत और अच्छा फैसला है। हम इस आदेश में दखल देने के इच्छुक नहीं हैं।
पीठ ने ईडी को चेतावनी देते हुए कहा कि हम इस मामले में और कुछ नहीं कहना चाहते क्यों कि अगर हमने कुछ कहा तो आप मुश्किल में पड़ सकते हैं। ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए जमानत के आदेश पीएमएलए एक्ट के प्रावधानों के खिलाफ है। ईडी ने यह भी कहा कि हाई कोर्ट का ये कहना गलत है कि इस मामले में प्रथम दृष्टया हेमंत सोरेन के खिलाफ कोई मामला बनता ही नहीं है। आपको बता दें कि भूमि घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने हेमत सोरेन को इसी साल 31 जनवरी को गिरफ्तार किया था।
गिरफ्तारी से पहले हेमत सोरेन के झारखंड के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देते हुए प्रदेश की कमान चंपई सोरेन को सौंप दी थी। इसके बाद हाईकोर्ट ने 28 जून को हेमंत सोरेन को जमानत दे दी। हेमंत सोरेन के जेल से बाहर आते ही चंपई सोरेन ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद हेमंत ने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया और इसी महीने 4 जुलाई को तीसरी बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी।
