वक्फ एक्ट में किसी बदलाव के खिलाफ आवाज उठाने लगे मुस्लिम धर्मगुरु और नेता, मौलाना खालिद रशीद और ओवैसी ने किया विरोध
नई दिल्ली। मोदी सरकार वक्फ बोर्ड की मनमानी रोकने के लिए कानून में बदलाव कर सकती है। इस बारे में सूत्रों के हवाले से खबर आने के बाद मुस्लिम धर्मगुरु ऐसे किसी कदम का विरोध कर रहे हैं। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड यानी एआईएमपीएलबी के सदस्य और लखनऊ के नामचीन मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने मीडिया से बात करते हुए वक्फ एक्ट में किसी बदलाव का विरोध किया। उन्होंने कहा कि सभी को ध्यान रखना चाहिए कि वक्फ की संपत्तियों में 60 से 70 फीसदी मस्जिद, दरगाह और कब्रिस्तान के रूप में हैं। सुनिए, मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने और क्या कहा।
दरअसल, वक्फ एक्ट को पूरी तरह रद्द करने की मांग काफी अर्से से हो रही है। इसकी वजह ये है कि वक्फ बोर्ड के कई कदम ऐसे रहे, जिनकी वजह से विवाद हुआ। तमिलनाडु में तो एक पूरे गांव को वक्फ बोर्ड ने अपनी संपत्ति बता दिया था। कोर्ट ने वक्फ बोर्ड के इस कदम पर रोक लगाई। वक्फ बोर्ड पर ये आरोप लगता है कि वो मनमानी कर जमीनों को अपनी बताकर उस पर कब्जा जमा लेता है और संपत्ति का मालिक फिर उस जमीन को छुड़ा नहीं पाता। अब खबर है कि मोदी सरकार की कैबिनेट ने वक्फ एक्ट में 40 संशोधन करने का फैसला किया है। इसके बाद किसी भी संपत्ति को वक्फ बोर्ड अपनी बताकर मनमाने तरीके से नहीं ले पाएगा।
बताया जा रहा है कि मोदी सरकार वक्फ एक्ट में जो संशोधन करने जा रही है, उसके तहत वक्फ बोर्डों के पास पहले से जो भी विवादित संपत्ति है, उसके बारे में पता भी लगाया जाएगा कि असल मालिकाना हक किसका है। इसके अलावा वक्फ बोर्ड अगर नई संपत्ति पर दावा करेगा, तो उसके दावे को जिला मजिस्ट्रेटों से हरी झंडी मिलना जरूरी होगा। बता दें कि देशभर में वक्फ बोर्ड के पास करीब 9 लाख एकड़ जमीन है। सेना और रेलवे के बाद वक्फ बोर्ड संपत्ति के मामले में तीसरे नंबर पर है।
