जमीन के बदले रेलवे में नौकरी घोटाला केस में ईडी ने दाखिल की सप्लीमेंट्री चार्जशीट
नई दिल्ली। जमीन के बदले रेलवे में नौकरी देने के कथित घोटाला में ईडी ने पहली सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है। इस सप्लीमेंट्री चार्जशीट में ईडी ने आरजेडी सुप्रीमो और तत्कालीन रेल मंत्री लालू यादव और उनके बेटे तेजस्वी यादव का भी नाम लिया है। ईडी ने जमीन के बदले नौकरी घोटाला में 100 पेज की सप्लीमेंट्री चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की है। जांच एजेंसी इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत छानबीन कर रही है। ईडी की चार्जशीट में लालू यादव और तेजस्वी यादव के अलावा 8 अन्य को भी आरोपी बनाया गया है। ईडी का आरोप है कि नौकरी के बदले जमीन लेने के खेल में एबी एक्सपोर्ट्स और एके इन्फोसिस्टम्स नाम की कंपनियों का इस्तेमाल हुआ। एके इन्फोसिस्टम्स ने 1.89 करोड़ में 11 जमीनें खरीदीं। बाद में 1 लाख की कीमत पर एके इन्फोसिस्टम्स को ही लालू यादव के परिजनों के नाम ट्रांसफर कर दिया गया।
ईडी ने लालू यादव, उनके बेटे और बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ अपने आरोप को पुख्ता बनाने के लिए सप्लीमेंट्री चार्जशीट में 90 से ज्यादा दस्तावेज भी बतौर सबूत शामिल किए हैं। 13 अगस्त को स्पेशल जज विशाल गोगने इस चार्जशीट पर सुनवाई करेंगे। जमीन के बदले रेलवे में नौकरी के घोटाले में ईडी ने इस साल जनवरी में भी कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। उस चार्जशीट में ईडी ने लालू यादव की पत्नी राबड़ी देवी, बेटी मीसा भारती और हेमा यादव के अलावा अमित कत्याल का नाम लिया था। रेलवे के रिटायर्ड कर्मचारी हृदयानंद चौधरी को भी ईडी ने आरोपी बनाया है।
जमीन के बदले रेलवे में नौकरी मामले की जांच सीबीआई को दी गई थी। इसमें मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच ईडी ने अपने हाथ ली। लालू यादव पर आरोप है कि जब 2004 से 2009 तक वो यूपीए सरकार में रेल मंत्री थे, उस वक्त रेलवे की ग्रुप डी की नौकरी देने के एवज में उन्होंने गरीब परिवारों से जमीनें लीं। सीबीआई ने भी लालू यादव और परिवार के लोगों को जमीन के बदले नौकरी मामले में आरोपी बनाया है। इस मामले में सीबीआई के जज ने लालू यादव और उनके परिजनों को जमानत दे रखी है। ईडी के हाथ गिरफ्तारी के बाद से आरोपी अमित कत्याल अभी जेल में है।
