शेख हसीना को बड़ी राहत, अंतरिम सरकार ने बांग्लादेश की अपदस्थ पीएम की पार्टी अवामी लीग पर बैन लगाने से इनकार किया
ढाका। बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना के लिए राहत की खबर है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के गृहमंत्री एम. सखावत हुसैन ने कहा है कि शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग पर बैन लगाने का कोई इरादा नहीं है। अवामी लीग की स्थापना शेख हसीना के पिता और बांग्लादेश के जनक शेख मुजीब-उर-रहमान ने की थी। शेख मुजीब-उर-रहमान को बांग्लादेश में राष्ट्रपिता का दर्जा हासिल है। वो बांग्लादेश के पहले प्रमुख भी थे। अब बांग्लादेश की अंतरिम सरकार की तरफ से अवामी लीग पर बैन न लगाने का फैसला होने से शेख हसीना को एक बार फिर अपने वतन लौटकर चुनावों में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा।
अवामी लीग बांग्लादेश की सबसे पुरानी पार्टी है। अवामी लीग की मुख्य प्रतिद्वंद्वी पार्टी पूर्व पीएम बेगम खालिदा जिया की बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी यानी बीएनपी है। बेगम खालिदा जिया को भ्रष्टाचार के आरोप में शेख हसीना की सरकार ने जेल भेजा था। जब शेख हसीना को 5 जुलाई को बांग्लादेश से भागकर भारत में शरण लेनी पड़ी, तो जेल में बंद बेगम खालिदा जिया को रिहा किया गया था। खालिदा जिया अभी ढाका के अस्पताल में हैं। शेख हसीना के खिलाफ बांग्लादेश में छात्रों ने आरक्षण विरोधी आंदोलन किया था। जून 2024 में शुरू हुए आंदोलन में जुलाई में हिंसक रूप लिया था। 4 अगस्त को बहुत हिंसा हुई और इसके बाद शेख हसीना को बांग्लादेश की सेना ने 45 मिनट में देश छोड़ने को कहा। शेख हसीना जनवरी 2024 में ही बांग्लादेश संसद का चुनाव जीतकर चौथी बार पीएम बनी थीं।
शेख हसीना के बेटे सजीब जावेद ने बीते शनिवार को ही बयान दिया था कि उनकी मां किसी और देश में शरण नहीं लेंगी और बांग्लादेश वापस लौटेंगी। हालांकि, शेख हसीना के खिलाफ बांग्लादेश में माहौल गर्म है। वहां आंदोलनकारी शेख हसीना पर हत्याएं कराने का आरोप लगा रहे हैं। ऐसे में बांग्लादेश लौटने पर शेख हसीना को गिरफ्तार कर जेल में भी रखा जा सकता है।
