वक्फ संशोधन विधेयक 2024 की जांच के लिए जेपीसी का गठन, जगदंबिका पाल होंगे अध्यक्ष
नई दिल्ली। वक्फ संशोधन विधेयक 2024 की जांच के लिए संसद की संयुक्त समिति (जेपीसी) का गठन कर दिया गया है, जिसकी अध्यक्षता भाजपा के वरिष्ठ लोकसभा सदस्य जगदंबिका पाल करेंगे। यह निर्णय 8 अगस्त को अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री किरेन रिजिजू द्वारा विधेयक को लोकसभा में प्रस्तुत किए जाने के बाद लिया गया है। संयुक्त संसदीय समिति में 31 सदस्य शामिल हैं, जिनमें 21 लोकसभा और 10 राज्यसभा से होंगे। समिति को अगले सत्र तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि जगदंबिका पाल को इस समिति का अध्यक्ष नियुक्त करने की औपचारिक अधिसूचना जल्द ही जारी की जाएगी।
विपक्षी दलों ने वक्फ संशोधन विधेयक पर गंभीर आपत्तियाँ जताई हैं। विधेयक पेश किए जाने के बाद विपक्ष ने इसे मुस्लिम समाज के अधिकारों के साथ खिलवाड़ बताते हुए इसकी कड़ी आलोचना की। विपक्ष का कहना है कि यह विधेयक वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और अधिकारों में बड़े बदलाव लाएगा, जिससे मुस्लिम समुदाय के हितों को नुकसान पहुँच सकता है। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री किरेन रिजिजू ने इन आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति के पास भेजने का प्रस्ताव रखा, जिसे स्वीकार कर लिया गया। केंद्र सरकार में सहयोगी तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) ने भी इस विधेयक को जेपीसी के पास भेजे जाने का समर्थन किया।
विधेयक में वक्फ बोर्डों में मुस्लिम महिलाओं और गैर-मुस्लिमों को शामिल करने का प्रस्ताव है। इसके अलावा, वक्फ अधिनियम 1995 का नाम बदलकर ‘एकीकृत वक्फ प्रबंधन, सशक्तीकरण, दक्षता और विकास अधिनियम 1995’ करने का भी प्रावधान है। महत्वपूर्ण रूप से, विधेयक में धारा 40 को हटाने का प्रस्ताव है, जिसके तहत वक्फ बोर्ड को यह अधिकार था कि वह किसी संपत्ति को वक्फ संपत्ति घोषित कर सके। अब, इस विधेयक का अंतिम निर्णय समिति की सिफारिशों के आधार पर होगा।
