विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर पीएम मोदी बोले- एकता और भाईचारे की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध
नई दिल्ली। आज विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस है। 1947 में 14 अगस्त को ही भारत का विभाजन हुआ था और पाकिस्तान नया देश बना था। पाकिस्तान के अलग देश बनने के बाद जमकर दंगे हुए थे और लाखों लोगों की जान गई थी। विभाजन की इस त्रासदी में और भी कई लाख लोग बेघर हुए और पाकिस्तान से शरणार्थी बनकर भारत आए। पीएम नरेंद्र मोदी ने भारत के विभाजन की इसी विभीषिका को याद करते हुए उसके पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी है।
पीएम मोदी ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर कहा है कि भारत के बंटवारे का दंश झेलने वालों के साहस को श्रद्धांजलि देने का दिन है। जिन्होंने फिर से जीवन की शुरुआत की। मोदी ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर उन लोगों को याद कर रहे हैं, जिन्होंने इसकी भयावहता का सामना कर बहुत दुख झेला। मोदी ने कहा कि उनके साहस से इंसान के उबरने की ताकत भी ये दिन दिखाता है। मोदी ने ये भी कहा कि विभाजन से जिनपर असर पड़ा, उनमें से बहुत लोगों ने बाद में अपार सफलता हासिल की। उन्होंने भारत के विभाजन की तारीख पर देश मे एकता और भाईचारे के बंधन की हमेशा रक्षा करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
पीएम मोदी ने ही साल 2021 में एलान किया था कि सरकार हर साल विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाएगी। उन्होंने तब कहा था कि हर साल 14 अगस्त बंटवारे का दंश झेलने वाले उन तमाम लोगों के संघर्षों और बलिदान की याद में मनाया जाएगा। मोदी ने कहा था कि भारत के बंटवारे को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता। भारतीयों ने आजादी की लंबी लड़ाई लड़ी। अंग्रेजों के 200 साल के निर्मम शासन के खिलाफ अपनी आवाज उठाते रहे। अंग्रेजों ने आखिरकार भारत को आजाद करने का फैसला तो किया, लेकिन जाते-जाते बंटवारा कर पाकिस्तान नाम का नया देश बना गए।
