कंगना रनौत ने किसानों और कृषि कानून संबंधी बयान पर जताया खेद, वापस लिए शब्द
नई दिल्ली। बीजेपी सांसद और बॉलीवुड अभिनेत्री कंगना रनौत पर एक बार फिर उनका बड़बोलापन भारी पड़ गया है। कृषि कानूनों को वापस लाने संबंधी अपने हालिया बयान को लेकर विवादों में घिरी कंगना रनौत ने अब अपनी टिप्पणी पर खेद जताया है। कंगना ने कहा कि अगर मेरे बयान से किसी को ठेस पहुंची तो मैं अपने शब्द वापस लेती हूं। इससे पहले बीजेपी ने भी कंगना रनौत के कृषि कानून संबंधी बयान से किनारा करते हुए इसे उनका निजी विचार बताया था।
कंगना ने कहा कि पिछले दिनों मीडिया ने मुझसे कृषि कानूनों पर सवाल किया जिस पर मैंने सुझाव दिया कि किसानों को कृषि कानून वापस लाने का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से निवेदन करना चाहिए। मेरी इस बात से कई लोग निराश हैं। मुझे यह बात ध्यान रखनी होगी कि मैं अब एक कलाकार नहीं बीजेपी की कार्यकर्ता हूं। इसलिए अगर मैंने अपनी सोच या शब्दों से किसी को ठेस पहुंचाई है तो मैं खेद जताते हुए अपने शब्द वापस लेती हूं। कंगना के बयान पर बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा था, मैं पार्टी की तरफ से स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि यह उनका निजी बयान है। कंगना रनौत बीजेपी की ओर से कोई भी बयान देने के लिए अधिकृत नहीं हैं और उनका यह बयान कृषि बिलों पर बीजेपी के दृष्टिकोण को नहीं दर्शाता है।
आपको बता दें कि इससे पहले किसान आंदोलन को लेकर कंगना रनौत ने कहा था कि वहां पर रेप हो रहे थे। वहां लाशें लटकी हुई थीं। कंगना के इस बयान पर भी काफी हंगामा मचा था जिसके बाद बीजेपी ने उनको अल्टीमेटम देते हुए उनके बयान पर असहमति जताई थी। इसके साथ ही बीजेपी ने कंगना को भविष्य में इस तरह की बयानबाजी से बयान की भी हिदायत दी थी। बीजेपी ने कहा था कि पार्टी के नीतिगत विषयों में बोलने के लिए कंगना को न तो अनुमति है और न ही उनको बयान देने के लिए अधिकृत किया गया है।
