कौन हैं आईएएस शैलबाला मार्टिन? जिन्होंने कहा-मंदिरों के लाउडस्पीकरों से होता है ध्वनि प्रदूषण
नई दिल्ली। कभी-कभी उच्च पदों पर आसीन लोग जाने-अनजाने कुछ ऐसी टिप्पणी कर जाते हैं जिससे लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचती है और विवाद शुरू हो जाता है। ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश से सामना आया है। दरअसल मध्य प्रदेश कैडर की एक आईएएस अधिकारी शैलबाला मार्टिन का कहना है कि मंदिरों में लगे लाउडस्पीकरों से ध्वनि प्रदूषण फैलता है। शैलबाला मार्टिन के इस बयान पर अब विवाद शुरू हो गया है। हिंदू संगठनों ने नाराज़गी व्यक्त करते हुए प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। दूसरी तरफ कांग्रेस ने आईएएस शैलबाला के बयान का समर्थन किया है।
आईएएस अधिकारी शैलबाला मार्टिन ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, मंदिरों पर लगे लाउडस्पीकर जो कई-कई गलियों में दूर तक ध्वनि प्रदूषण फैलाते हैं, जो आधी-आधी रात तक बजते हैं उनसे किसी को डिस्टरबेंस नहीं होता। उधर, कांग्रेस प्रवक्ता अब्बास हफीज ने शैलबाला मार्टिन का पक्ष लेते हुए मध्य प्रदेश सरकार पर लाउडस्पीकर के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाया। वहीं, संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा, आईएएस अधिकारी को इस तरह के बयान शोभा नहीं देते हैं। मंदिरों में सुर के साथ आरती और मंत्रोच्चारण होते हैं। हम चिल्ला चोट नहीं करते, जहां पांच वक्त की नमाज हो रही है उन पर जाकर बोलिए।
शैलबाला मार्टिन मध्य प्रदेश कैडर की 2009 बैच की आईएएस है। वो प्रमोट होकर आईएएस बनी हैं। फिलहाल लोक प्रशासन विभाग में एडिशनल सेक्रेटरी के पद पर वो पोस्टेड हैं। मूल रूप से झाबुआ की रहने वाली शैलबाला मार्टिन खुद ईसाई समुदाय से आती हैं। उन्होंने इंदौर स्थित होल्कर साइंस कॉलेज से पढ़ाई की है। शैलबाला निवाड़ी जिले की डीएम समेत कई अहम पदों पर जिम्मेदारियां निभा चुकी हैं। इससे पहले शैलबाला अपनी शादी को लेकर भी चर्चा में रह चुकी हैं। 56 साल की उम्र तक अविवाहित रहने के बाद शैलबाला ने 57 की उम्र में अपने से एक साल बड़े और पेशे से पत्रकार राकेश पाठक से शादी की थी। अपनी बेबाकी के लिए जानी जाने वाली शैलबाला इससे पहले ईसाई धर्मगुरुओं को निशाने पर लिया था।
