एनआईए ने खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू की संपत्तियों को किया अटैच
नई दिल्ली। खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बड़ा एक्शन लिया है। एनआईए ने पन्नू की चंडीगढ़ में तीन संपत्तियों को कुर्क किया है। इसके अलावा अमृतसर में पन्नू से जुड़ी कुछ जमीनों को भी अटैच किया गया है। एनआईए द्वारा पन्नू से जुड़े छह मामलों की जांच की जा रही है। सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) के चीफ गुरपतवंत सिंह पन्नू के खिलाफ एनआईए ने इस साल 15 अक्टूबर तक 66 मामले दर्ज किए हैं। पन्नू के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस पहले ही जारी किया जा चुका है।
खालिस्तानी आतंकी विदेश में बैठकर अक्सर भारत के खिलाफ जहर उगलता रहता है। पन्नू के पास कनाडा और अमेरिका की दोहरी नागरिकता होने का दावा किया जाता रहा है। भारत में हुई विभिन्न आतंकी घटनाओं की भी पन्नू जिम्मेदारी ले चुका है। इससे पहले पन्नू ने कनाडा में रहने वाले हिंदुओं को कनाडा छोड़कर जाने की धमकी दी थी। खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड को लेकर कनाडा के साथ भारत के जारी विवाद के बीच पन्नू ने कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो के साथ खुलकर अपने रिश्ते को स्वीकार किया है। पन्नू ने हाल ही में कहा है कि वह पिछले 2-3 सालों से ट्रूडो के संपर्क में है। इतना ही नहीं पन्नू ने यह भी दावा किया कि भारतीय एजेंटों के खिलाफ उसने ही कनाडा सरकार को जानकारी मुहैया कराई।
आपको बता दें कि कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो ने निज्जर हत्याकांड में सीधे तौर पर भारत को जिम्मेदार ठहराते हुए गंभीर आरोप लगाए थे। ट्रूडो ने कनाडा में तैनात भारतीय उच्चायुक्त संजय वर्मा और अन्य अधिकारियों पर निज्जर हत्याकांड में शामिल होने का आरोप लगाया था। हालांकि भारत की तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए ट्रूडो को फटकार लगाई गई। भारत के सबूत मांगने पर बाद में ट्रूडो ने ये स्वीकार किया कि भारत को उन्होंने कोई सबूत मुहैया नहीं कराए सिर्फ खुफिया एजेंसियों के अंदेशे के आधार पर उन्होंने आरोप लगाए थे।
