Census: जनगणना 2025 में शुरू होने के आसार, जानिए और क्या नई जानकारी आपसे मांग सकती है सरकार?
नई दिल्ली। देश में अगले साल यानी 2025 में जनगणना शुरू हो सकती है। जनगणना हर 10 साल में कराई जाती रही है। पिछली बार 2011 में जनगणना कराई गई थी। फिर 2021 में जनगणना कराई जानी थी, लेकिन कोरोना महामारी के कारण नहीं हुई। अब न्यूज चैनल आजतक ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि जनगणना के बाद 2028 में लोकसभा की सीटों का परिसीमन भी होगा। इसके अलावा न्यूज चैनल ने जनगणना के बारे में सूत्रों के हवाले से और भी अहम जानकारियां दी हैं। बता दें कि विपक्षी दल लगातार पूछते रहे हैं कि जनगणना कब कराई जाएगी।
जानकारी के मुताबिक जनगणना में इस बार सरकारी कर्मचारी आपका संप्रदाय भी पूछ सकते हैं। जाति के बारे में जनगणना में सवाल होगा या नहीं ये अभी तय नहीं है, लेकिन विपक्षी दलों के साथ ही एनडीए के कुछ दलों ने जातिगत जनगणना कराने के पक्ष में अपनी मांग रखी हुई है। केंद्र की मोदी सरकार में शामिल जेडीयू की बिहार सरकार ने तो अपने राज्य में जातिगत सर्वे कराकर उसका आंकड़ा भी सामने रखा था। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस भी जातिगत जनगणना के पक्ष में है, बशर्ते उसका राजनीति के लिए इस्तेमाल न हो। जातिगत जनगणना अगर होती है, तो सरकार को पता चल जाएगा कि बीते 15 साल में किन जातियों की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में कैसा बदलाव आया है। उसी के अनुरूप सरकार अपनी योजनाओं को लागू कर सकती है या नई योजना भी लाकर वंचित जातियों को सहायता दे सकती है।
2025 में अगर जनगणना होती है, तो इसका चक्र भी अब बदल जाएगा। इसके बाद साल 2035 में अगली जनगणना कराई जाएगी। वहीं, जनगणना के बाद लोकसभा और राज्यसभा में सांसदों की संख्या में भी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। इसकी वजह ये है कि सांसदों के चुनाव के लिए आबादी का आंकड़ा तय किया जाता है। लोकसभा के अगले चुनाव 2029 में होने हैं। नए परिसीमन के तहत लोकसभा के चुनाव कराए जाएंगे। वहीं, राज्यों में आबादी बढ़ने के कारण वहां से राज्यसभा के सांसदों की संख्या भी बढ़ जाएगी।
