सतगुरु नानक प्रनटिया मिटि धुंध जग चानन होवा
* नरेंद्र बैंसला मेरठ संवाददाता, हिंद फोक्स न्यूज *
प्रथम गुरु श्री गुरु नानक देव जी की जयंती प्रकाश पर्व 555 वे जन्मदिन के उपलक्ष में बड़े ही धूमधाम से नगर कीर्तन निकाला गया नगर कीर्तन में बैंड बाजे बम नगाड़े अस्तबाजी डीजे घोड़े बग्गी बहुत ही सुंदर निकल गया शास्त्री नगर गुरुद्वारा से शुरू होकर आरटीओ ल ब्लॉक के ब्लॉक पीवीएस मॉल सेंट्रल मार्केट पूरे नगर में घूम कर वापस गुरुद्वारे पर जाकर समापन हुआ नगर के सभी सम्मानित नागरिकों में सहयोग किया जगह-जगह चाय कॉफी सब्जी पूरी आइसक्रीम सैंडविच पानी की बोतल वगैरा का भंडारा किया गया गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब सेक्टर 3 शास्त्री नगर मेरठ से थी गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के उपलक्ष में विशाल नगर कीर्तन गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी शास्त्री नगर से आरंभ किया गया।
आज सुबह गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी में अखंड पाठ साहिब जी की समाप्ति के उपरांत पंच प्यारों की अगुवाई में नगर कीर्तन निकाला गया जिसमें सबसे आगे नगाड़ा फिर पांच निहंग सिंह, बाल सेना, बैंड एवं उसके उपरांत अमृतसर पंजाब में आयी गतका पार्टी ने हैरतअंगेज कारनामे दिखाए, बाबा जी की छोटी पालकी के रूप में प्रभात फेरी का जहाज एवं उसके उपरांत पंज प्यारों की अगुवाई में फूलों से सजी पालकी साहिब ने नगर कीर्तन की शोभा बढ़ाई। श्री गुरु तेगबहादुर शब्दी जत्थे ने सतगुरु नानक प्रागटिया, मिटी धुंध जग चानन होया आदि शब्द बायन किया।
आज के दिन गुरु नानक देव जी का जन्म 1469 ईश्वी में पंजाब प्रांत में तलवंडी नामक स्थान पर हुआ था जो अब पाकिस्तान में हैं
गुरु नानक देव का जीवन संदेश गुरु नानक देव जी ने एक ओंकार दिर की उपासना का संशयावर उन्होंने तत्कालिक समाज की बुराइयों और कुरीतियों को दूर करने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया उन्होंने अपनी सुमधुर सरल वाणी से जनमानस के हृदय को जीत लिया लोगों के बेहद सरल भाषा में समझाया सभी इंसान एक दूसरे के भाई हैं ईपर सब के पिता हैं फिर एक ईश्वर की संतान होने के बावजूद हम ऊंच-नीच कैसे हो सकते हैं ऊंच नीच का भेदभाव मिटाने के लिए लंगर की परंपरा चलाई जहां कथित अद्भुत और उच्च जाति के लोग एक साथ चंगर में बैठकर एक पंक्ति में भोजन करते थे आज भी सभी गुरुद्वारे में यही लंगर परंपरा कायम है गुरु नानक देव जी ने कहा कि अबल अल्लाह नूर उपाइया कुदरत के सब बंदे, एक नूर से सब जग उपजया कौन भला कौन मंदे।
उन्होंने मानवता को ‘नाम जपु’ यानी ईश्वर का नाम जपते रहने ‘किरत करने’ यानि ईमानदारी से मेहनत कर आजीविका कमाने नाम जपो, किरत करो और ‘वंड छको’ यानी अपने पास जौजूद हर वस्तु सामग्री को साझा करने के लिए तीन मूल मंत्र दिए जिसका आज न केवल सिख समुदाय बल्कि दुनिया का हर एक धर्म अनुसरण करता है। समस्त गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की तरफ से नगर कीर्तन में पुलिस प्रशासन व नगर निगम के पूर्ण सहयोग के लिया आभार व्यक्त किया गया।
इस मौके पर भाजपा नेता वरिष्ठ नेता कमलनाथ शर्मा ने भी शुभकामनाएं व बधाई दी और नगर कीर्तन की खूब सराहना की बताया प्रकाश पर्व सभी जातियां मिलकर मना रही है यह पर्व साल भर में एक बार मनाया जाता है बहुत ही खुशी का माहौल देखने को मिला
गुरुद्वारा कमेटी के मीडिया प्रभारी गोपाल सौदान में बताया की इस नगर कीर्तन में पुलिस प्रशासन से लेकर नगर के सभी नागरिकों का भारी सहयोग रहा
गुरुद्वारे के सेवादार के रूप में कमेटी के प्रधान हरविंदर सिंह दुग्गल, जनरल सेक्रेटरी गुरदीप सिंह कालरा, सनी बत्रा, संदीप पाहवा, मनप्रीत सिंह सलूजा, राजेंद्र पाल सिंह, गुरबचन कालरा, जसविंदर दुग्गल, राजकुमार खुराना, जतिन जुनेजा, अनहद सिंह, तन्मीत सिंह, ओंकार सिंह सलूजा, गुरसिमरन सिंह आदि का सहयोग रहा,
दासरेः- गुरुद्वारा प्रबन्धक कमेटी एवं स्त्री जत्था, शास्त्री नगर मेरठ, सभी सदस्य उपस्थित रहे।
