बांग्लादेश में चिन्मय कृष्ण दास की जमानत पर सुनवाई से पहले वकील रमेन रॉय पर जानलेवा हमला, आईसीयू में भर्ती
ढाका। बांग्लादेश में गिरफ्तार किए गए इस्कॉन के पूर्व सचिव चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी की जमानत अर्जी पर आज कोर्ट में सुनवाई होनी है। इससे पहले चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी के वकील रमेन रॉय पर कट्टरपंथियों ने जानलेवा हमला किया। इस हमले में चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी के वकील रमेन रॉय गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उनको आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा है। चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी को 25 नवंबर 2024 को बांग्लादेश पुलिस ने गिरफ्तार किया था। चिन्मय कृष्ण दास पर बांग्लादेश पुलिस ने देशद्रोह का आरोप लगाया है। चिन्मय पर आरोप है कि उन्होंने 25 अक्टूबर को विरोध प्रदर्शन के दौरान बांग्लादेश के राष्ट्रीय ध्वज से ऊपर भगवा ध्वज लगाया था।
बांग्लादेश में हिंदुओं पर लगातार हमले हो रहे हैं। कट्टरपंथी तत्व मंदिरों को भी जलाकर और तोड़कर नष्ट कर रहे हैं। तमाम हिंदुओं की हत्या भी बांग्लादेश में हुई है। चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी ने हिंदुओं को एकजुट कर इसी के खिलाफ आवाज उठाई थी। चिन्मय ने बांग्लादेश में कई जगह हिंदुओं के साथ बड़ा विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद ही बांग्लादेश में कट्टरपंथी उनकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। चिन्मय की गिरफ्तारी के बाद उनके साथी दो और संतों को भी बांग्लादेश पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जबकि, 16 लोगों की संपत्ति और बैंक खाते जब्त किए हैं। इससे पूरी दुनिया के हिंदुओं में जबरदस्त नाराजगी है। भारत ने भी चिन्मय कृष्ण दास ब्रह्मचारी के खिलाफ कार्रवाई पर चिंता जताई है।
बांग्लादेश में इस साल 5 अगस्त को शेख हसीना की सरकार का पतन हो गया था। शेख हसीना को जान बचाकर भारत आना पड़ा। इसके बाद ही बांग्लादेश में कट्टरपंथियों की पौ बारह हो गई। बांग्लादेश में अभी नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में कार्यकारी सरकार है। ये सरकार बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर अत्याचार रोकने में नाकाम रही है। जबकि, खुद मोहम्मद यूनुस ने ढाका के ढाकेश्वरी मंदिर जाकर एलान किया था कि हिंदुओं के खिलाफ हिंसा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
