April 25, 2026

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कोविड वैक्सीन का अचानक हो रही मौतों से संबंध नहीं, सरकार ने आईसीएमआर की स्टडी का हवाला दे संसद को बताया

नई दिल्ली। कोरोना यानी कोविड के बाद से देश में अचानक मौतों की तमाम खबरें आने लगीं। इससे ये शक होने लगा कि कोविड वैक्सीन के कारण अचानक मौतों के मामले हो रहे हैं। अब मोदी सरकार ने राज्यसभा में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद यानी आईसीएमआर की स्टडी रिपोर्ट का हवाला देकर इस पर अपनी बात रखी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने मंगलवार को संसद को बताया है कि आईसीएमआर की स्टडी रिपोर्ट के मुताबिक कोविड वैक्सीन का अचानक हो रही मौतों से कोई रिश्ता नहीं है। उन्होंने अचानक मौतों के बारे में कहा कि आईसीएमआर के शोध के मुताबिक इसका संबंध किसी और ही वजह से है।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने राज्यसभा में एक सवाल के जवाब में कहा कि आईसीएमआर का शोध बताता है कि कोविड वैक्सीन से इस तरह की अचानक मौतें कम ही होती हैं। उन्होंने राज्यसभा में कहा कि आईसीएमआर ने 18 से 45 वर्ष की उम्र के ऐसे लोगों पर शोध किया, जिनकी किसी बीमारी के बारे में जानकारी नहीं थी। ऐसे लोगों की जान 1 अक्टूबर 2021 से 31 मार्च 2023 तक अचानक हुई थी। आईसीएमआर ने 19 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 47 अस्पतालों में अपना शोध किया। इस दौरान 729 अचानक मौतों के मामलों को देखा गया। इसके अलावा आईसीएमआर ने हार्ट अटैक होने के बाद बचाए गए 2916 लोगों के सैंपल भी देखे। आईसीएमआर ने अपने शोध में पाया कि कम से कम एक या दो बार कोविड वैक्सीन लगाने से अचानक मौत की आशंका कम हो जाती है।

जेपी नड्डा ने राज्यसभा में बताया कि आईसीएमआर के शोध में देखा गया कि अचानक मौत के मामले में संबंधित के परिवार में इसी तरह की मृत्यु, मौत से 48 घंटे पहले शराब पीना, नशीली दवा लेना और जिम वगैरा में ज्यादा शारीरिक मेहनत करना शामिल है। यानी अचानक मौतों के मामले में ये सब कारक बड़े जिम्मेदार हो सकते हैं। बता दें कि अचानक मौतों के मामले सिर्फ पुरुषों में ही नहीं हुए हैं। कई जगह डांस वगैरा करते वक्त महिलाओं की मौत की खबर भी आ चुकी है। हालांकि, अब आईसीएमआर के शोध से इस तरह की मौत में कोविड वैक्सीन का हाथ होने का जो शक जताया जा रहा था, वो काफी हद तक दूर होने की संभावना है।