प्रियंका गांधी वाड्रा को बैग पॉलिटिक्स में बीजेपी सांसद अपराजिता सारंगी ने दिया झटका!
नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र में प्रियंका गांधी वाड्रा ने बतौर सांसद पहली बार हिस्सा लिया। इस दौरान प्रियंका गांधी वाड्रा फिलिस्तीन और बांग्लादेश संबंधी दो बैग भी लेकर संसद आई थीं, लेकिन शुक्रवार को इसी बैग पॉलिटिक्स में प्रियंका गांधी वाड्रा को उस वक्त असहज स्थिति का सामना करना पड़ा, जब ओडिशा से बीजेपी की सांसद अपराजिता सारंगी ने एक बैग प्रियंका गांधी वाड्रा को गिफ्ट किया। न्यूज चैनल आजतक के मुताबिक अपराजिता सारंगी ने प्रियंका गांधी वाड्रा को जो बैग दिया, वो सफेद रंग का है और उस पर 1984 लिखकर खून के छींटे दिखाए गए हैं। अपराजिता सारंगी ने इस बैग के बारे में कहा कि प्रियंका गांधी वाड्रा ने इसे ले लिया, लेकिन कोई प्रतिक्रिया दिए बगैर चली गईं।
प्रियंका गांधी वाड्रा कुछ दिन पहले ही फिलिस्तीन लिखा बैग लेकर गई थीं और उससे लाइमलाइट में आई थीं। सोशल मीडिया पर जब प्रियंका के फिलिस्तीन प्रेम और बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार पर चुप्पी का मुद्दा उठा, तब प्रियंका गांधी वाड्रा बांग्लादेश में हिंदुओं और ईसाइयों को बचाओ लिखा बैग भी लेकर पहुंचीं और इस मुद्दे को लोकसभा में उठाया। जिसके बाद कांग्रेस और विपक्ष के सांसदों ने संसद के द्वार पर विरोध जताते हुए सरकार से बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं और ईसाइयों पर हो रहे अत्याचार के संबंध में कदम उठाने की मांग की थी, लेकिन अब संसद सत्र के आखिरी दिन बीजेपी सांसद अपराजिता सारंगी ने बैग पॉलिटिक्स में कदम उठाते हुए प्रियंका गांधी वाड्रा को निरुत्तर कर दिया।
दरअसल, साल 1984 में तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी की हत्या के बाद दिल्ली समेत कई जगह सिख विरोधी दंगे हुए थे। इन दंगों में सैकड़ों सिखों की जान गई थी। सिखों के खिलाफ हिंसा के बाद प्रियंका गांधी वाड्रा के पिता और तब पीएम रहे राजीव गांधी का बयान भी आया था कि जब बड़ा पेड़ गिरता है, तो धरती थोड़ी बहुत हिलती है। राजीव गांधी के इस बयान और सिख विरोधी दंगों का मुद्दा उठाकर कांग्रेस और गांधी परिवार को हमेशा घेरा जाता है। अपराजिता सारंगी ने 1984 और खून के धब्बे दिखाने वाला बैग प्रियंका गांधी को देकर फिर ऐसा ही किया है।
