June 27, 2026

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खराब सिबिल स्कोर पर भी मिलेगा पर्सनल लोन

जब आप पर्सनल लोन के लिए आवेदन करते हैं, तो बैंक व एनबीएफसी आपकी योग्यता का मूल्यांकन करने के लिए कई फैक्टर्स चेक करते हैं, जिसमें क्रेडिट स्कोर एक महत्वपूर्ण फैक्टर है। ये स्कोर 300 से 900 के बीच होता है, जिसे देश के चार प्रमुख क्रेडिट ब्यूरो या क्रेडिट इंफोर्मेंशन कंपनियां (CIC) जेनरेट करती है। इनमें ट्रांसयूनियन सिबिल लिमिटेड, इक्विफैक्स, एक्सपिरियन और CRIF हाईमार्क शामिल है। इन क्रेडिट ब्यूरो में ट्रांसयूनियन सिबिलदेश का पहला व सबसे पुराना क्रेडिट ब्यूरो है और इसके द्वारा जारी किए गए क्रेडिट स्कोर को “सिबिल स्कोर” भी कहा जाता है।

क्रेडिट स्कोर/सिबिल स्कोर से पता चलता है कि आपने अपने पिछले लोन या क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान कितनी ज़िम्मेदारी से किया है। आमतौर पर 700 या उससे अधिक क्रेडिट स्कोर होने पर पर्सनल लोन मिलने की संभावना अधिक होती है। साथ ही लोन की ब्याज दरें भी कम होती है। क्योंकि ऐसे आवेदकों के लोन डिफॉल्ट की संभावना कम मानी जाती है।

वहीं, कम या खराब क्रेडिट स्कोर वाले आवेदकों को बैंक व एनबीएफसी अधिक “जोखिम” वाला मानते हैं। इसलिए उन्हें लोन मिलने में मुश्किल होती है। अगर लोन मिलता भी है तो इसकी ब्याज दरें अधिक होती है। उदाहरण के लिए- अगर आपका सिबिल स्कोर 600 से कम हैं, मान लें 550 है। ऐसे में आपको पर्सनल लोन मिलने की उम्मीद बहुत कम है। लेकिन अगर आपका सिबिल स्कोर 650 या 700 है तो एनबीएफसी से आपको पर्सनल लोन मिलने की ज़्यादा उम्मीद है। क्रेडिट स्कोर कम होने के बावजूद लेंडर्स इन फैक्टर्स को देखकर आवेदक को पर्सनल लोन दे सकते हैं :-

1. सैलरी अधिक और स्टेबल होनी चाहिए

अगर आपकी इनकम ज़्यादा और स्टेबल है, जिसकी मदद से आप लोन की ईएमआई समय से और पूरा भुगतान कर सकते हैं तो सिबिल स्कोर कम होने के बावजूद भी आपको पर्सनल लोन मिल सकता है। हालांकि, यह केवल उन लोगों के लिए कामगर है जिनकी क्रेडिट हिस्ट्री नहीं है या जिन्होंने अभी हाल ही में क्रेडिट कार्ड लिया हो और सिबिल स्कोर न बना हो।

2. प्रतिष्ठित संस्थान में स्टेबल जॉब करते हों

जो आवेदक प्रतिष्ठित कॉरपोरेट्स/MNCs या सरकारी संस्थानों में काम करते हैं, उन्हें लोन मिलने की संभावना अधिक होती है। खासतौर पर जिनकी स्टेबल जॉब हिस्ट्री, ईएमआई भुगतान क्षमता, जॉब स्टेब्लिटी और प्रतिष्ठित कंपनी होती है। क्योंकि अन्य के तुलना में ऐसे आवेदकों की आय स्थिरता अधिक मानी जाती है। इसलिए बैंक को ऐसे आवेदकों को लोन देने में रिस्क कम होता है यानी लोन डिफॉल्ट की उम्मीद कम होती है।

3. NBFCs और फिनटेक डिजिटल लेंडर से लोन लेना

कई सारे बड़े बैंक/NBFCs कम सिबिल स्कोर वाले आवेदकों का लोन खारिज़ कर देते हैं, भले ही उनके पास स्टेबल जॉब और हाई सैलरी क्यों न हो। इसलिए कम सिबिल स्कोर वाले आवेदकों को ऐसे एनबीएफसी या फिनटेक लेंडर के पास लोन के लिए आवेदन करना चाहिए जो कम सिबिल स्कोर वाले आवेदकों को लोन प्रदान करते हो।

4. सह-आवेदक के साथ लोन आवेदन करना

सिबिल स्कोर कम होने पर आप सह आवेदक के साथ लोन आवेदन कर सकते हैं। जो आपके परिवार का ऐसा सदस्य हो सकता है जिसका अच्छा क्रेडिट स्कोर हो और कमाता भी हो। सह-आवेदक के साथ लोन आवेदन करने पर लोन मिलने की संभावना बढ़ जाती है। क्योंकि सह-आवेदक भी लोन भुगतान के लिए उतना ही जिम्मेदार होता है, जितना आप। इसकी वजह से आपको लोन देने में बैंक का रिस्क कम हो जाता है और लोन मंजूरी की संभावना बढ़ जाती है।

इसलिए, यदि आप व्यक्तिगत ऋण की तलाश में हैं और आपका क्रेडिट स्कोर खराब है तो उपरोक्त बातों पर ध्यान दें। हालांकि ध्यान रखें कि अगर आपका पर्सनल लोन आवेदन मंजूर भी हो जाता है, इसकी ब्याज दरें बहुत अधिक होगी, जिससे आपकी ईएमआई और ओवरऑल ईएमआई कॉस्ट बढ़ जाएगी।