पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के स्मारक के मुद्दे पर प्रणब मुखर्जी की बेटी ने साधा कांग्रेस पर निशाना, कहा- मेरे पिता के वक्त…
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पूर्व पीएम मनमोहन सिंह का स्मारक बनाने का फैसला किया है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने इसकी जानकारी स्वर्गीय मनमोहन सिंह के परिवार और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को खुद दी। केंद्र सरकार ने कहा है कि मनमोहन सिंह का स्मारक बनाने के लिए ट्रस्ट का गठन करना होगा। इसके बाद ही जमीन का आवंटन किया जाएगा। वहीं, कांग्रेस, अकाली दल और आम आदमी पार्टी लगातार मांग कर रहे हैं कि मनमोहन सिंह का स्मारक उनके अंतिम संस्कार की जगह बनाया जाए। इसके लिए राजघाट के आसपास जगह मांगी जा रही है। वहीं, पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी ने मनमोहन सिंह के स्मारक के मुद्दे पर कांग्रेस को निशाने पर लिया है।
शर्मिष्ठा मुखर्जी ने मनमोहन सिंह के लिए स्मारक की मांग करने वाले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के प्रस्ताव की आलोचना की और भेदभाव का आरोप लगाया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शर्मिष्ठा मुखर्जी ने लिखा कि जब उनके पिता प्रणब मुखर्जी का निधन हुआ, तो कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक बुलाकर शोक प्रस्ताव पास करने की भी पार्टी ने जरूरत नहीं समझी। शर्मिष्ठा ने लिखा कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने उनसे कहा कि किसी पूर्व राष्ट्रपति के निधन पर कांग्रेस कार्यसमिति शोक प्रस्ताव पास नहीं करती।
शर्मिष्ठा ने दावा किया कि उनके पिता प्रणब मुखर्जी की डायरी में साफ लिखा है कि जब पूर्व राष्ट्रपति केआर नारायणन का निधन हुआ था, उस वक्त कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक बुलाकर शोक प्रस्ताव पास किया गया था। उस शोक प्रस्ताव को तब उनके पिता प्रणब मुखर्जी ने ही तैयार किया था। उन्होंने सीआर केसवन के पोस्ट को शेयर कर ये बात कही। जिसमें लिखा गया था कि मनमोहन सिंह का स्मारक बनाने की मांग करने वाली कांग्रेस ने पूर्व पीएम नरसिंह राव के निधन पर ऐसा कुछ नहीं किया। नरसिंह राव का उल्लेख कर केसवन ने और भी कई बातें लिखी थीं।
मनमोहन सिंह का निधन शुक्रवार की रात 9.51 बजे दिल्ली के एम्स में हो गया था। वो घर पर अचेत हो गए थे। वहां तुरंत उनका इलाज शुरू हुआ और फिर एम्स ले जाया गया। जहां डॉक्टरों के अथक प्रयास के बावजूद उनको बचाया नहीं जा सका। मनमोहन सिंह 92 साल के थे। वो पीएम के आर्थिक सलाहकार, रिजर्व बैंक के गवर्नर और पीवी नरसिंह राव सरकार में वित्त मंत्री रहे। केंद्र में साल 2004 में यूपीए सरकार बनने पर मनमोहन सिंह को पीएम बनाया गया था। वो 2014 तक पीएम रहे। इस साल अप्रैल तक मनमोहन सिंह राज्यसभा के भी सदस्य थे। वो एक बार दक्षिण दिल्ली से लोकसभा का चुनाव भी कांग्रेस के टिकट पर लड़े, लेकिन उसमें बीजेपी के विजय कुमार मल्होत्रा से जीत नहीं सके थे।
