बांग्लादेश की जेल में बंद चिन्मय कृष्ण दास की जमानत याचिका फिर खारिज
नई दिल्ली। बांग्लादेश में जेल में इस्कॉन के पुजारी चिन्मय कृष्ण दास की जमानत याचिका आज एक बार फिर खारिज कर दी गई। चटगांव मेट्रोपॉलिटन सत्र न्यायाधीश ने लगभग 30 मिनट तक वकीलों की दलीलों को सुना और उसके बाद चिन्मय कृष्ण को जमानत देने से इनकार कर दिया। इससे पहले 11 दिसंबर को भी बांग्लादेश की एक अदालत ने चिन्मय कृष्ण की बेल पिटीशन को रद्द कर दिया था। अब चिन्मय कृष्ण दास के वकील बांग्लादेश की हाईकोर्ट में अपील दायर करेंगे। चिन्मय कृष्ण दास को राजद्रोह के आरोप में बांग्लादेश पुलिस ने 25 नवंबर को गिरफ्तार किया था।
चिन्मय कृष्ण दास बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों के विरोध में आवाज उठा रहे थे। उन्होंने हिंदुओं से एकजुट रहने की अपील करते हुए चटगांव में एक रैली भी की थी। इसके बाद से ही वो बांग्लादेश सरकार की नजरों में आ गए और इस रैली के कुछ दिन बाद ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी के बाद से हिंदू समुदाय के लोग बांग्लादेश सरकार के इस कृत्य से खासे नाराज हैं। जेल में बंद चिन्मय कृष्ण से मिलने गए एक अन्य संत को भी बांग्लादेश पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।
उधर, चिन्मय कृष्ण दास की बेल याचिका खारिज होने के बाद कोलकाता इस्कॉन के वीपी राधा रमन दास ने कहा कि यह बेहद दुखद खबर है। हम जानते हैं कि पूरी दुनिया की नजर इस हियरिंप पर थी। सभी को उम्मीद थी कि नए साल में चिन्मय कृष्ण प्रभु को आजादी मिल जाएगी। लेकिन 42 दिन बाद भी उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई। हालांकि यह अच्छी बात है कि उनके बचाव पक्ष के वकीलों को आज कोर्ट में अपनी बात रखने का मौका दिया गया। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि चिन्मय कृष्ण दास को न्याय मिले।
