February 16, 2026

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पत्रकार मुकेश चंद्राकर मर्डर केस के मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेजने का दिया आदेश

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में पत्रकार मुकेश चंद्राकर मर्डर केस के मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। बुधवार को सुरेश को चार अन्य आरोपियों—रितेश चंद्राकर, दिनेश चंद्राकर और महेंद्र रामटेके के साथ कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने सभी को 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया।

हैदराबाद से गिरफ्तारी

इस केस की जांच कर रही एसआईटी ने सुरेश चंद्राकर को रविवार देर रात हैदराबाद से गिरफ्तार किया था। पुलिस महानिरीक्षक (बस्तर रेंज) सुंदरराज पी ने जानकारी दी कि आरोपी को सोमवार को बीजापुर लाया गया। इससे पहले सुरेश के भाई रितेश चंद्राकर, दिनेश चंद्राकर और सुपरवाइजर महेंद्र रामटेके को गिरफ्तार किया जा चुका है।

सेप्टिक टैंक में मिला शव

स्वतंत्र पत्रकार मुकेश चंद्राकर (33) 1 जनवरी को लापता हो गए थे। 3 जनवरी को उनका शव बीजापुर के चट्टनपारा बस्ती के एक सेप्टिक टैंक में पाया गया। हत्या के बाद शव को छिपाने की साजिश रची गई थी।

भ्रष्टाचार उजागर करना बना वजह?

मुकेश चंद्राकर ने बीजापुर में सड़क निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार को उजागर किया था। यह रिपोर्ट 25 दिसंबर को एनडीटीवी पर प्रसारित हुई थी। माना जा रहा है कि यही खबर उनकी हत्या की वजह बनी। उक्त निर्माण कार्य सुरेश चंद्राकर से जुड़ा था।

संपत्तियों पर कार्रवाई

आरोपी सुरेश चंद्राकर की अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। बीजापुर-गंगालूर रोड के किनारे वन भूमि पर बनाए गए निर्माण यार्ड को ढहा दिया गया है। सुरेश और अन्य आरोपियों के बैंक खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया भी जारी है।

मुकेश चंद्राकर का योगदान

मुकेश चंद्राकर ने अप्रैल 2021 में टकलगुडा नक्सली हमले के बाद माओवादियों की कैद से कोबरा कमांडो राकेश्वर सिंह मन्हास को छुड़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनकी हत्या के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।

सरकार और प्रशासन की प्रतिक्रिया

छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दावा किया है कि सुरेश चंद्राकर कांग्रेस से जुड़े हुए थे। इस मामले में दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। मुकेश चंद्राकर की हत्या ने क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। पत्रकार समुदाय और आम जनता स्वतंत्र पत्रकार की हत्या को लोकतंत्र पर हमला मानते हुए न्याय की मांग कर रहे हैं।