महाकुंभ में अमृत स्नान करेंगी दिवंगत स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल, स्वामी कैलाशानंद महाराज ने नाम दिया ‘कमला’
नई दिल्ली। एपल के सह-संस्थापक (दिवंगत) स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन पॉवेल जॉब्स भी प्रयागराज महाकुंभ में अमृत स्नान करेंगी। लॉरेन 13 जनवरी को प्रयागराज पहुंचेंगी और 29 जनवरी तक वह निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद के शिविर में रहेंगी। लॉरेन इस दौरान कल्पवास भी करेंगी। स्वामी कैलाशानंद ने उनको अपने गोत्र का नाम देते हुए उनको ‘कमला’ नाम दिया है। वह शिविर में 19 जनवरी से शुरू हो रही कथा की पहली यजमान भी होंगी। लॉरेन अपने पति स्टीव की तरह ही सनातन धर्म में आस्था रखती हैं। महाकुंभ में कल्पवास के दौरान वो सनातन धर्म को और अच्छे से जान सकेंगी।
लॉरेन पॉवेल जॉब्स के प्रयागराज महाकुंभ 2025 में भाग लेने पर महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद जी महाराज का कहना है कि वह यहां अपने गुरु से मिलने आ रही हैं। हमने उनका नाम कमला रखा है और वह हमारी बेटी की तरह हैं। मेरे प्रति वो बहुत स्नेह रखती हैं। वह दूसरी बार है भारत आ रही हैं। कुंभ में सभी का स्वागत है। स्वामी कैलाशानंद महाराज ने कहा कि मैं अपने अखाड़े के सभी महापुरुषों से उनको मिलवाउंगा। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि दुनिया के वो लोग हमारी परम्परा से जुड़ना चाहते हैं जो उससे अपरिचित हैं। संसार में जितने भी बड़े लोग हैं वो किसी न किसी साधु, संत या महापुरुष की शरण में हैं।
आपको बता दें कि लॉरेन पॉवेल जॉब्स को फोर्ब्स के 2020 अंक में दुनिया के अरबपतियों की सूची में 59वें स्थान पर रखा गया था। उनके दिवंगत पति स्टीव जॉब्स भी सनातन परंपरा में गहरी आस्था और विश्वास रखते थे। बाबा नीम करोली महाराज के साथ जुड़ाव के उनके किस्से जगजाहिर हैं। इसके अलावा स्टीव जॉब्स ने परमहंस योगानंद द्वारा लिखित उनकी ‘ऑटोबायोग्राफी ऑफ ए योगी’ किताब का भी कई बार जिक्र करते हुए कहा था कि इस पुस्तक का उनके जीवन में अहम योगदान है।
