इजरायल-हमास युद्ध पर बड़ा फैसला, शांति वार्ता में शामिल होगा मोसाद
नई दिल्ली। इजरायल और हमास के बीच 15 महीनों से चल रहे युद्ध में शांति की उम्मीदें फिर जाग उठी हैं। इजरायली सेना गाजा में लगातार बमबारी कर रही है, और दोनों चीफ कमांडरों के मारे जाने के बावजूद हमास के आतंकी अब तक हार मानने को तैयार नहीं हैं। इस बीच, इजरायल ने गाजा को महाविनाश से बचने का आखिरी मौका देने की तैयारी कर ली है।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गाजा में शांति वार्ता को लेकर बड़ी पहल करते हुए युद्धविराम पर प्रगति का संकेत दिया है। उन्होंने अपनी खुफिया एजेंसी मोसाद के निदेशक डेविड बार्निया को वार्ता में शामिल होने की मंजूरी दी है। इसे अब तक का सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है।प्रधानमंत्री कार्यालय ने शनिवार को इस निर्णय की जानकारी दी।
कहां होगी वार्ता?
यह अभी स्पष्ट नहीं है कि मोसाद के निदेशक डेविड बार्निया कतर की राजधानी दोहा कब जाएंगे। दोहा में ही इजरायल और हमास के बीच वार्ता चल रही है। बार्निया की उपस्थिति यह दिखाती है कि अब उच्च स्तरीय इजरायली अधिकारी इस प्रक्रिया में शामिल होंगे, जिनकी जरूरत किसी भी समझौते पर हस्ताक्षर के लिए होती है।
पिछले 15 महीनों में केवल एक बार युद्धविराम हुआ था, जो शुरुआती हफ्तों में हुआ था। तब से अमेरिका, मिस्र और कतर की मध्यस्थता में कई दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।इजरायल-हमास युद्ध को रोकने की दिशा में नेतन्याहू के इस कदम से शांति की उम्मीदें बढ़ी हैं। अब देखना यह है कि क्या यह वार्ता किसी ठोस समाधान पर पहुंच पाएगी।
