मोदी सरकार की एक और उपलब्धि, भारत के इन अहम परमाणु संस्थानों से अमेरिका ने हटाया बैन; चीन की 11 संस्थाओं पर लगाया प्रतिबंध
वॉशिंगटन। मोदी सरकार को एक और उपलब्धि हासिल हुई है। अमेरिका ने भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र यानी बीएआरसी, इंदिरा गांधी परमाणु अनुसंधान केंद्र और इंडियन रेयर अर्थ्स लिमिटेड पर लगा बैन हटा लिया है। ये तीनों ही केंद्र भारत के परमाणु कार्यक्रम में अहम माने जाते हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन अपना पद छोड़ने जा रहे हैं। इससे ठीक पहले बाइडेन के प्रशासन ने भारतीय परमाणु कार्यक्रम से जुड़े केंद्रों पर बैन हटाने का अहम फैसला किया है। अमेरिका के वाणिज्य विभाग के उद्योग और सुरक्षा ब्यूरो यानी बीआईएस ने बैन हटाने के बारे में एलान किया। साझा ऊर्जा सुरक्षा जरूरतों के लिए संयुक्त शोध और विकास के साथ ही उन्नत ऊर्जा सहयोग की बाधाओं को भी इससे दूर किया जा सकेगा। अमेरिका की विदेश नीति को भी इससे मदद मिलेगी।
बीआईएस ने इसके साथ ही चीन की 11 संस्थाओं को बैन की लिस्ट में भी जोड़ दिया है। इससे चीन को झटका लगा है। बीआईएस ने कहा है कि अमेरिका और भारत शांतिपूर्ण सहयोग, अनुसंधान और विकास की गतिविधि को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। दोनों ने विज्ञान और तकनीकी सहयोग को मजबूत किया है। अमेरिका के वाणिज्य विभाग के निर्यात प्रशासन संबंधी उप सहायक सचिव मैथ्यू बोरमैन ने बैन हटाने के बारे में कहा कि इससे अमेरिका और भारत के बीच महत्वपूर्ण खनिजों और साफ ऊर्जा की सप्लाई चेन को सुरक्षित करने पर सहयोग और बढ़ेगा। ये कदम अमेरिका और भारत के बीच साझेदारी की महत्वाकांक्षा और रणनीतिक मामलों के तहत है।
भारत के परमाणु प्रतिष्ठानों पर बैन हटाने के एलान के बाद अमेरिका के वाणिज्य विभाग के अवर सचिव एलन एस्टवेज ने कहा कि ऐसे कदम से साफ है कि लिस्ट एक ताकतवर चीज है, जिसका इस्तेमाल अमेरिका की सुरक्षा और दुनियाभर में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए किया जा सकता है। एस्टवेज ने कहा कि भारत की संस्थाओं को बैन से हटाने और चीन की संस्थाओं को प्रतिबंध की लिस्ट में जोड़ने से अमेरिका ने साफ संदेश दिया है कि वो चीन की सेना को आधुनिक बनाने के कदम पर ये फैसला कर रहा है। साझा विदेश नीति के लक्ष्यों और अमेरिका-भारत के द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए ये प्रोत्साहन का काम करेगा।
