तमिलनाडु के डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन को मद्रास हाईकोर्ट का नोटिस, चुनावी हलफनामे से जुड़ा है मामला
नई दिल्ली। मद्रास उच्च न्यायालय ने तमिलनाडु के डिप्टी सीएम उदयनिधि स्टालिन और आयकर अधिकारियों को नोटिस जारी किया है। उदयनिधि के चुनावी हलफनामे में विसंगतियों के आरोप वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश एस.ए. धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति जी. अरुल मुरुगन की पीठ ने स्टालिन, आयकर महानिदेशक (जांच) और केंद्रीय निगम मामलों के मंत्रालय को सोमवार, 20 अप्रैल तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। चेन्नई के निवासी और चेपॉक-थिरुवल्लिकेनी निर्वाचन क्षेत्र से मतदाता आर. कुमारवेल के द्वारा दायर यह याचिका दायर की गई है। स्टालिन इसी विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं।
बार एंड बेंच के अनुसार, याचिककर्ता ने उदयनिधि स्टालिन द्वारा 2021 के विधानसभा चुनावों और आगामी 2026 के विधानसभा चुनावों के लिए अपने चुनावी हलफनामों में घोषित संपत्तियों में कथित विसंगतियों की जांच की मांग की है। चेपॉक-थिरुवल्लिकेनी निर्वाचन क्षेत्र से दोबारा चुनाव लड़ रहे उदयनिधि स्टालिन ने अपने चुनावी हलफनामे में लगभग 20.6 करोड़ रुपए की संपत्ति घोषित की है। इसमें चल संपत्ति 12.9 करोड़ की और अचल संपत्ति 7.7 करोड़ की बताई गई है। साल 2024-25 में स्टालिन ने अपनी आय 10.4 लाख रुपए घोषित है, जबकि उनकी पत्नी ने 2.9 करोड़ रुपए से अधिक की आय बताई है।
याचिका के अनुसार, 2021 और 2026 के विधानसभा चुनाव में दायर किए गए हलफनामों का वैधानिक अधिकारियों द्वारा रखे गए रिकॉर्ड और कंपनी के दस्तावेजों के साथ तुलनात्मक विश्लेषण करने पर महत्वपूर्ण विसंगतियां सामने आईं हैं। याचिकाकर्ता ने रिकॉर्ड में विरोधाभास और वित्तीय लेन-देन के गलत विवरण का आरोप लगाया है। इसके अलावा याचिका में वैधानिक नियमों के उल्लंघन और घोषित आय के अनुपात से अधिक वित्तीय गतिविधियों को छिपाने का मुद्दा भी उठाया गया है। याचिकाकर्ता ने आयकर विभाग और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय सहित विशेष एजेंसियों द्वारा समयबद्ध और स्वतंत्र जांच की मांग की है। याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता वी. राघवाचारी ने कहा कि मतदाताओं को यह जानने का अधिकार है कि चुनावी हलफनामे में उम्मीदवार द्वारा दी गई जानकारी सही है या नहीं। इसी पर अदालत ने स्टालिन और आईटी अधिकारियों से जवाब मांगा है।
