आने वाले वक्त में तमिलनाडु की सत्ता से फिर बाहर होगी कांग्रेस!, जानिए ऐसे आसार क्यों बन सकते हैं?
चेन्नई। तमिलनाडु की सियासत जिस तरह नए रंग ले रही है, उसे देखते हुए आने वाले वक्त में थलापति विजय की सरकार को समर्थन दे रही कांग्रेस के फिर राज्य की सत्ता से बाहर होने के आसास बन सकते हैं। थलापति विजय के सीएम बनने के बाद तमिलनाडु विधानसभा की 4 सीट खाली हुई हैं। इनमें से एक सीट विजय ने खाली की है। जबकि, तमिलनाडु विधानसभा में चुने गए एआईएडीएमके विधायक के. मार्गथम कुमारवेल, एस. जयकुमार और पी. सत्यभामा ने भी इस्तीफा दे दिया है। ऐसे में इन चारों विधानसभा सीट पर उप चुनाव होंगे।
अगर इन चारों सीटों के उप चुनाव में थलापति विजय की टीवीके जीती, तो उसके विधायकों की संख्या 111 हो जाएगी। जो बहुमत के आंकड़े 118 से सिर्फ 7 कम होंगी। इन सबके बीच, इंडियन एक्सप्रेस अखबार ने थलापति विजय की टीवीके के उच्च पदस्थ सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि आने वाले दिनों में एआईएडीएमके के और 7-8 विधायक इस्तीफा दे सकते हैं। अगर इतने विधायकों ने भी इस्तीफा देकर विजय की टीवीके का हाथ थामा और फिर उप चुनाव में जीतकर तमिलनाडु विधानसभा पहुंचे, तो थलापति विजय की टीवीके आसानी से सामान्य बहुमत जुटा लेगी। ऐसे में विजय के लिए कांग्रेस के समर्थन की जरूरत नहीं रह जाएगी।
कांग्रेस ने 59 साल बाद तमिलनाडु की सरकार में वापसी की है। इससे पहले डीएमके के तमिलनाडु में सत्तारूढ़ रहते कांग्रेस उसके साथ थी, लेकिन एमके स्टालिन ने कांग्रेस से एक भी मंत्री नहीं बनाया था। जब टीवीके को इस बार चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी का तमगा मिल गया, तो कांग्रेस ने डीएमके का साथ छोड़कर थलापति विजय को समर्थन देने का एलान कर दिया। जिससे डीएमके से भी कांग्रेस की तनातनी हो गई। थलापति विजय के शपथ ग्रहण समारोह में राहुल गांधी शामिल हुए थे। वो बहुत खुश दिख रहे थे। विजय ने उनको गले भी लगाया था। अब जिस तरह घटनाक्रम चल रहा है, उसे देखते हुए कांग्रेस के लिए तमिलनाडु फिर संकट का सबब बन सकता है।
