ममता कुलकर्णी और लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी को किन्नर अखाड़े के महामंडलेश्वर पद से हटाया गया, निष्कासित
नई दिल्ली। किन्नर अखाड़े से बड़ी खबर आ रही है। ममता कुलकर्णी को किन्नर अखाड़े के महामंडलेश्वर पद से हटा दिया गया है। साथ ही उनको किन्नर अखाड़े में शामिल कर महामंडलेश्वर की पदवी देने वाली आचार्य लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी से भी महामंडलेश्वर की उपाधि वापस ले ली गई है। इतना ही नहीं इन दोनों को किन्नर अखाड़े से निष्कासित भी कर दिया गया है। बॉलीवुड की पूर्व अभिनेत्री ममता कुलकर्णी को किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर बनाए जाने का संतों द्वारा काफी विरोध किया गया, जिसके बाद किन्नर अखाड़े के संस्थापक ऋषि अजय दास ने यह कार्रवाई की।
बागेश्वर धाम के धीरेन्द्र शास्त्री ने ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर बनाए जाने पर कहा था, किसी को भी इस तरह से संत या महामंडलेश्वर कैसे बनाया जा सकता है, हम खुद आज तक तक महामंडलेश्वर नहीं बन पाए हैं। वहीं योग गुरु रामदेव का भी कहना था कि कुछ लोग, जो सांसारिक सुखों में लिप्त थे, अचानक वो संत या महामंडलेश्वर जैसी उपाधि प्राप्त कर ले रहे हैं। वहीं किन्नर अखाड़े में भी इस बात को लेकर कलह शुरू हो गई थी। किन्नर अखाड़े के संस्थापक अजय दास ने भी कहा था कि किसी महिला को किन्नर अखाड़े के महामंडलेश्वर की पदवी देना अखाड़े के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है। ट्रांसजेंडर कथावाचक हिमांगी सखी ने भी ममता कुलकर्णी को महामंडलेश्वर बनाए जाने पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा था कि किन्नर अखाड़े ने पब्लिसिटी के लिए ऐसा किया है।
आपको बता दें कि ममता कुलकर्णी ने प्रयागराज महाकुंभ पहुंचकर किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी से मुलाकात की थी। 24 जनवरी को ममता कुलकर्णी ने संगम में अपना पिंडदान किया और उसके बाद उनका पट्टाभिषेक हुआ। किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर लक्ष्मी नारायण तिवारी ने ममता कुलकर्णी को किन्नर अखाड़े में शामिल करते हुए उनको महामंडलेश्वर की पदवी के साथ उनको ‘श्री यमई ममता नंद गिरि’ नाम दिया था।
