लोकसभा में आज पेश होगी वक्फ संशोधन बिल पर जेपीसी की रिपोर्ट, जानिए कमेटी की बैठकों में क्या कुछ हुआ था
नई दिल्ली। संसद का बजट सत्र चल रहा है। संसद के बजट सत्र में आज का दिन काफी अहम है। इसकी वजह है वक्फ संशोधन बिल पर गठित जेपीसी की रिपोर्ट। वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा के लिए बनी जेपीसी के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल आज लोकसभा के पटल पर वक्फ संशोधन बिल पर रिपोर्ट रखने वाले हैं। बीजेपी के सांसद और जेपीसी सदस्य संजय जायसवाल भी लोकसभा के पटल पर जेपीसी रिपोर्ट रखेंगे। वक्फ संशोधन बिल पर बनाई गई जेपीसी ने अपनी रिपोर्ट अंग्रेजी के अलावा हिंदी में भी तैयार की है। ताकि किसी भी सांसद को इसे समझने में दिक्कत का सामना न करना पड़े। जेपीसी की रिपोर्ट पटल पर रखे जाने के बाद सांसदों को दी जाएगी। जेपीसी ने वक्फ संशोधन बिल पर जो रिपोर्ट तैयार की है, उसका विपक्षी सदस्यों ने विरोध किया है। ऐसे में लोकसभा में हंगामे के भी आसार हैं।
जेपीसी की रिपोर्ट में उन सभी लोगों के प्रत्यावेदन शामिल होंगे, जिन्होंने कमेटी के सामने पेश होकर अपनी राय वक्फ संशोधन बिल के बारे में दी है। बता दें कि जेपीसी ने वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान देश के कई राज्यों का दौरा किया था। जेपीसी ने वक्फ संशोधन बिल पर संबंधित राज्यों की सरकारों के अलावा आम लोगों और मुस्लिम संगठनों व उनके नेताओं के बयान भी दर्ज किए थे। वक्फ संशोधन बिल पर जेपीसी की बैठकों के दौरान कई बार हंगामा हुआ था। यहां तक कि एक बार जेपीसी के मेंबर और टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने उत्तेजित होकर मेज पर रखी बोतल तोड़ दी और खुद का हाथ ही चोटिल कर लिया। वक्फ संशोधन बिल पर गठित जेपीसी के विपक्षी सदस्यों ने कमेटी के अध्यक्ष जगदंबिका पाल पर ये आरोप भी लगाया था कि उन्होंने बात न सुनते हुए मनमर्जी की। वहीं, जगदंबिका पाल ने मीडिया को बताया था कि उन्होंने नियम-कानून के तहत सबकी बात सुनी और विपक्ष के 11 संशोधनों को खारिज और सत्ता पक्ष के सदस्यों की ओर से दिए गए 15 संशोधनों को मंजूर किया।
वक्फ संशोधन बिल पर जेपीसी की रिपोर्ट लोकसभा में पेश होने से पहले इसके सदस्य रहे और एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने अलग से आरोप लगाया है कि जगदंबिका पाल ने वक्फ संशोधन बिल में किए जाने वाले बदलाव पर उनके दिए डिसेंट नोट को खारिज कर दिया और इसकी जानकारी भी नहीं दी। कुल मिलाकर विपक्षी सदस्य पूरी तरह वक्फ संशोधन बिल पर जेपीसी की रिपोर्ट के खिलाफ दिख रहे हैं। पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार वक्फ संशोधन बिल को काफी अहम मानती है। ऐसे में सबकी नजर इस पर है कि सरकार को सहयोग दे रहे टीडीपी के चंद्रबाबू नायडू और जेडीयू के नीतीश कुमार का रुख वक्फ संशोधन बिल को संसद से पास कराने पर क्या रहता है। क्योंकि विपक्ष ने नायडू और नीतीश के बारे में सार्वजनिक तौर पर कहा है कि वक्फ संशोधन बिल पर उनका रुख उनकी पार्टियों के भविष्य के साथ जुड़ा है।
