मध्यम वर्ग को मिलने वाली है और खुशी?, 7 फरवरी की सुबह 10 बजे चलेगा पता
नई दिल्ली। पीएम नरेंद्र मोदी ने संसद के बजट सत्र की शुरुआत से पहले कहा था कि वो प्रार्थना करते हैं कि धन की देवी माता लक्ष्मी की कृपा गरीबों और मध्यम वर्ग पर बनी रहे। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जब शनिवार को लोकसभा में बजट पेश किया, तब उन्होंने गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए तमाम सहूलियत देने का एलान किया। 12 लाख तक की सालाना आय को निर्मला सीतारमण ने इनकम टैक्स फ्री कर दिया। वहीं, बुजुर्गों को बचत पर सालाना 1 लाख तक की आय भी टीडीएस से बाहर कर दी। युवाओं के लिए ये सीमा 40000 रुपए से बढ़ाकर 50000 रुपए करने का भी बजट में एलान किया। अब सबकी नजर 7 फरवरी पर टिक गई है।
दरअसल, रिजर्व बैंक की मौद्रिक समिति यानी एमपीसी की बैठक 5 से 7 फरवरी तक होने वाली है। 7 फरवरी को रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा एमपीसी की बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी लेंगे। अगर वो रेपो रेट को कम करने का एलान करते हैं, तो लोन लेने वाले मध्यम वर्ग के लोगों को और राहत मिल जाएगी। दरअसल, लगातार महंगाई बढ़ते रहने के कारण रिजर्व बैंक के गवर्नर रहे शक्तिकांत दास और एमपीसी के अन्य सदस्यों ने रेपो रेट को लंबे समय से 6.50 फीसदी पर बनाए रखा था। इससे लोन पर ईएमआई भी बढ़ रही थी। अगर रेपो रेट को रिजर्व बैंक गवर्नर संजय मल्होत्रा घटाने का एलान करते हैं, तो लोन पर ईएमआई के भी कम होने की संभावना है।
रेपो रेट घटाने से ईएमआई कम हुई, तो मध्यम वर्ग के हाथ में और पैसा आएगा। इसे वे निवेश या खर्च कर सकेंगे। जिससे अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। हालांकि, रेपो रेट कम करने का ये नुकसान हो सकता है कि महंगाई फिर छलांग लगा सकती है। दिसंबर में महंगाई की दर 5 फीसदी से ज्यादा रही थी। जबकि, वित्त मंत्रालय और रिजर्व बैंक ने महंगाई की दर को 4 फीसदी तक रखना तय किया हुआ है। अब लोन लेने और ईएमआई चुका रहे लोगों की नजर निश्चित तौर पर रिजर्व बैंक की एमपीसी बैठक के फैसले पर रहने वाली है।
