साजिश के तहत कराई गई प्रयागराज महाकुंभ में भगदड़!, सीएम योगी ने यूपी एसटीएफ को जांच सौंपी
प्रयागराज। प्रयागराज में जारी महाकुंभ में 29 जनवरी को भगदड़ मचने से 30 लोगों की जान गई थी। हादसे में 36 श्रद्धालु घायल हुए थे। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने जांच के लिए न्यायिक आयोग बनाया है। वहीं, अब न्यूज चैनल आजतक ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि महाकुंभ में हुई भगदड़ में साजिश के एंगल से भी जांच शुरू हो गई है। घटना के वक्त मौके पर मौजूद तमाम मोबाइल नंबर बंद मिले हैं। इसके बाद साजिश के तहत महाकुंभ में भगदड़ कराने की जांच का जिम्मा यूपी एसटीएफ को सौंपा गया है। प्रयागराज के डीआईजी वैभव कृष्ण के हवाले से चैनल ने बताया है कि ऐसे कई इनपुट मिले हैं, जिससे भगदड़ के पीछे साजिश होने का पुलिस को शक है।
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को महाकुंभ का दौरा कर जायजा लिया था। उन्होंने उस वक्त अफसरों को निर्देश भी दिए थे कि झूंसी इलाके की तरफ से गड़बड़ी की कोशिश करने वाले तत्वों को हर हाल में रोका जाए। दरअसल, संगम नोज के पास भगदड़ के बाद सोशल मीडिया पर कुछ पत्रकारों और एक महिला सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने ये दावा किया कि झूंसी इलाके में भी भगदड़ हुई थी। हालांकि, प्रयागराज प्रशासन का कहना है कि झूंसी में किसी भगदड़ की जानकारी नहीं है। ऐसे में सीएम योगी आदित्यनाथ ने अब झूंसी इलाके की ओर भी प्रशासन और पुलिस को नजर रखने के लिए कहा है।
महाकुंभ 2025 में कल यानी 3 फरवरी को बसंत पंचमी के मौके पर संतों का शाही स्नान होना है। 13 अखाड़े, नागा साधु और अन्य संत इस दौरान ब्रह्म मुहूर्त में संगम में डुबकी लगाएंगे। इसके अलावा बसंत पंचमी के पावन स्नान को करने के लिए करोड़ों की तादाद में श्रद्धालुओं के आने की भी संभावना है। सीएम योगी ने इसके लिए प्रशासन से फूल प्रूफ व्यवस्था करने को कहा है। साथ ही ये निर्देश भी दिए हैं कि श्रद्धालुओं को स्नान के लिए लंबी दूरी तक न चलना पड़े। ऐसे में अब प्रयागराज के महाकुंभ स्थल पर व्यवस्थाओं को बदला जा रहा है। स्नानार्थियों के आने और जाने के लिए अलग मार्ग भी बनाया जा रहा है।
