दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का राष्ट्र को समर्पण, पश्चिम यूपी के विकास को मिलेगी नई रफ्तार
सहारनपुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को दिल्ली-बागपत-सहारनपुर-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए “गेमचेंजर” बताते हुए कहा कि इससे क्षेत्र में कनेक्टिविटी, निवेश और रोजगार के नए द्वार खुलेंगे। मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को राष्ट्र को समर्पित किए जाने पर नरेंद्र मोदी का आभार जताया।
उन्होंने कहा कि इस कॉरिडोर के बनने से सहारनपुर से दिल्ली और देहरादून की यात्रा अब बेहद कम समय में पूरी की जा सकेगी, जिससे आमजन को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही, यह परियोजना क्षेत्रीय विकास को नई गति प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सहारनपुर का वुडवर्क, मेरठ के स्पोर्ट्स गुड्स और पश्चिमी यूपी के कृषि उत्पाद अब राष्ट्रीय राजधानी के माध्यम से वैश्विक बाजारों तक आसानी से पहुंच सकेंगे। इससे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। सीएम योगी ने कहा कि ‘डबल इंजन’ सरकार की नीतियों का ही परिणाम है कि बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट तेजी से धरातल पर उतर रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री और संबंधित एजेंसियों के प्रयासों की भी सराहना की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भीमराव आंबेडकर की जयंती का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार सामाजिक न्याय के प्रणेता महापुरुषों के सम्मान में विशेष कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में महापुरुषों की प्रतिमाओं के संरक्षण एवं विकास के लिए भी योजनाएं लागू की जा रही हैं।
उन्होंने कहा कि सहारनपुर, मेरठ और बागपत में इंडस्ट्रियल और हाउसिंग क्लस्टर विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार सृजन होगा। साथ ही, गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ाव के जरिए किसानों को अपने उत्पादों का बेहतर मूल्य मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग समाज को बांटने का काम करते हैं, उनसे विकास और रोजगार की उम्मीद करना “दिवास्वप्न” है। कार्यक्रम में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
