योगी सरकार ने यूपी के उद्योगों में काम करने वालों के लिए तय किया न्यूनतम वेतन, नोएडा में श्रमिकों ने किया था हंगामा
लखनऊ। नोएडा की फैक्ट्रियों के श्रमिकों ने बहुत कम सैलरी और सुविधाएं मिलने के खिलाफ सोमवार को जमकर हंगामा किया था। इसके बाद यूपी की योगी आदित्यनाथ ने कुशल और अकुशल श्रमिकों की तनख्वाह बढ़ाने का फैसला किया है। योगी सरकार ने यूपी में काम करने वाले श्रमिकों को तीन श्रेणियों में बांटकर उनकी मजदूरी में 1 अप्रैल 2026 से 21 फीसदी तक की अंतरिम बढ़ोतरी की है। यूपी सरकार ने कहा है कि वो श्रमिकों और उद्योगों के बीच संतुलन बनाकर फैसला करना चाहती है। सरकार के मुताबिक केंद्र सरकार श्रम संहिता पर विचार कर रही है। श्रम संहिता लागू होने पर श्रमिकों की तनख्वाह में और बढ़ोतरी हो सकती है।
यूपी सरकार ने तय किया है कि नोएडा और गाजियाबाद के उद्योगों में काम करने वाले कुशल श्रमिकों को अब हर महीने कम से कम 16868 रुपए वेतन मिलेगा। वहीं, अर्धकुशल श्रमिकों का वेतन 15059 रुपए और अकुशल श्रमिकों की सैलरी हर महीने 13690 रुपए तय की गई है। यूपी सरकार ने कहा है कि कुशल श्रमिकों को हर महीने 13940.37 रुपए के वेतन के साथ रोजाना 536.16 रुपए दिए जाएंगे। वहीं, अर्धकुशल श्रमिकों को 12446 रुपए वेतन और हर दिन 478.69 रुपए मिलेगा। अकुशल श्रमिकों को 11313.65 रुपए वेतन के साथ हर दिन 435.14 रुपए देने का आदेश जारी किया गया है। नगर निगम वाले और अन्य जिलों के लिए भी न्यूनतम वेतन तय हुआ है। जिसे आप यहां देख सकते हैं।
योगी सरकार ने सोशल मीडिया में आई उन खबरों को गलत बताया है, जिसमें कहा गया था कि यूपी में 20000 रुपए न्यूनतम वेतन है। योगी सरकार ने बयान में कहा है कि केंद्र सरकार ने नए श्रम संहिता के मुताबिक राष्ट्रीय स्तर पर कम से कम वेतन तय करने की ओर कदम बढ़ाया है। इसका मकसद सभी राज्यों में श्रमिकों से न्याय और एक जैसा वेतन तय करना है। बता दें कि नोएडा में सेक्टर-62, सेक्टर-63 और फेज-2 समेत कई जगह श्रमिकों ने हंगामा और गाड़ियों में तोड़फोड़ व आगजनी की थी। इसके बाद सीएम योगी ने श्रम विभाग के प्रमुख सचिव को नोएडा भेजा था। एक कमेटी बनाकर श्रमिकों के मसलों को देखा गया। जिसके बाद न्यूनतम वेतन तय किया गया।
